काला नमक चावल क्यों है इतना खास? जानिए इसके चौंकाने वाले फायदे

काला नमक चावल क्यों है इतना खास? जानिए इसके चौंकाने वाले फायदे

काला नमक चावल उत्तर प्रदेश और नेपाल में उगाया जाने वाला एक खास और पौष्टिक चावल है, जिसे GI टैग प्राप्त है. यह एंटीऑक्सीडेंट, आयरन और फाइबर से भरपूर होता है. मधुमेह, हृदय स्वास्थ्य और वजन नियंत्रण में लाभकारी यह चावल स्वाद और सेहत का बेहतरीन संगम है.

काला नमक चावलकाला नमक चावल
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Feb 12, 2026,
  • Updated Feb 12, 2026, 5:09 PM IST

काला नमक चावल एक खास तरह का चावल है, जो उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र के 11 जिलों और नेपाल में उगाया जाता है. यह साधारण सफेद चावल से थोड़ा छोटा होता है और इसकी काली भूसी इसे बहुत ही अलग बनाती है. इसके अलावा, इसमें तेज सुगंध होती है, जो इसे खाने में और भी स्वादिष्ट बनाती है. यही वजह है कि इसकी कीमत साधारण चावलों से चार से पांच गुना अधिक होती है.

काला नमक चावल की खासियत

काला नमक चावल का इतिहास बहुत पुराना है. कहा जाता है कि इसकी खेती बौद्ध काल यानी लगभग 600 ईसा पूर्व से होती रही है. यह चावल भौगोलिक संकेतक (GI) टैग के तहत सुरक्षित है. इसका मतलब है कि यह चावल अपनी असली जगह और खास तरीके से ही उगाया जा सकता है. GI टैग से यह चावल विश्वसनीय बनता है और किसानों को इसका उचित लाभ मिलता है.

काला नमक चावल से सेहत को फायदा

काला नमक चावल खाने से हमारी सेहत पर बहुत सारे अच्छे प्रभाव पड़ते हैं. इसमें फाइबर, प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. यह चावल हमारे दिलों को मजबूत करता है और खून की गड़बड़ियों को दूर करने में मदद करता है. इसके साथ ही, यह शुगर और वजन कम यानियंत्रित करने में भी मदद करता है.

काला नमक चावल ऑर्गेनिक तरीके से उगाया जाता है. इसका मतलब है कि इसमें कीटनाशक या हानिकारक रसायन नहीं होते. इसलिए यह हमारे शरीर के लिए सुरक्षित और स्वस्थ रहता है. इसमें आयरन और जिंक भी अधिक मात्रा में होते हैं, जो कमजोरी दूर करने और शरीर को मजबूत बनाने में मदद करते हैं.

स्किन के लिए भी है फायदेमंद

एंथोसायनिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स की वजह से काला नमक चावल हमारी स्किन को भी सुंदर बनाता है. कहा जाता है कि काला नमक चावल खाने से अल्जाइमर जैसी बीमारियों को रोकने में भी मदद मिल सकती है.

काला नमक चावल की खेती

काला नमक चावल की खेती बहुत ही खास तरीके से की जाती है. एक एकड़ जमीन में लगभग 20 किलो काले चावल के बीज बोए जाते हैं. यह चावल लगभग 90 से 110 दिनों में तैयार हो जाता है. इसके लिए भी जैविक खेती के तरीके अपनाए जाते हैं, ताकि चावल में किसी भी तरह के रसायन या कीटनाशक न हों.

काला नमक चावल की बाजार में बहुत मांग है. शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लोग इसे पसंद करते हैं. इसका बाजार मूल्य 400 से 800 रुपये प्रति किलोग्राम तक होता है. इससे किसानों को अच्छा लाभ मिलता है और उनकी मेहनत का फल भी मिलता है.

विटामिन्स, प्रोटीन, फाइबर और मिनरल्स से भरपूर

काला नमक चावल सिर्फ स्वाद में ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य में भी बहुत लाभकारी है. यह चावल विटामिन्स, प्रोटीन, फाइबर और मिनरल्स से भरपूर होता है. इसके नियमित सेवन से मधुमेह, दिल का रोग, ब्लड डिसॉर्डर्स और पाचन संबंधी समस्याओं में मदद मिलती है. यह शरीर की ऊर्जा बढ़ाता है, वजन नियंत्रित करता है और हमारे शरीर को स्वस्थ बनाता है.

इस तरह, काला नमक चावल भारतीय खाने की विविधता में एक अनमोल हिस्सा है. इसका गहरा काला रंग, अनोखा स्वाद और पोषक तत्व इसे हर खाने की थाली में खास बनाते हैं. अगर आप अपने खाने को स्वादिष्ट और सेहतमंद दोनों बनाना चाहते हैं, तो काला नमक चावल जरूर अपनाएं.

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