US Tariff War: ट्रंप के टैरिफ का असर! उत्तर प्रदेश के रामपुर में मेंथा के किसान परेशान, इंडस्‍ट्री पर संकट

US Tariff War: ट्रंप के टैरिफ का असर! उत्तर प्रदेश के रामपुर में मेंथा के किसान परेशान, इंडस्‍ट्री पर संकट

Mentha Oil: मेंथा ऑयल, जिसका उपयोग दवाइयों, ब्‍यूटी कॉस्‍मेटिक्‍स और खाद्य पदार्थों में कच्चे माल के रूप में होता है, इस टैरिफ से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है. एक निर्यातक ने बताया कि कई ऑर्डर रोक दिए गए या रद्द कर दिए गए हैं. पहले एक प्रॉडक्‍ट 20 डॉलर का था, लेकिन 50 फीसदी टैरिफ लगने के बाद उसकी कीमत 30 डॉलर हो गई.

US tariff hurts mentha oil industry in UP's RampurUS tariff hurts mentha oil industry in UP's Rampur
क‍िसान तक
  • New Delhi ,
  • Aug 31, 2025,
  • Updated Aug 31, 2025, 10:32 AM IST

अमेरिका द्वारा भारतीय आयातों पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने के बाद उत्तर प्रदेश के रामपुर और आसपास के इलाकों में मेंथा ऑयल उद्योग गहरे संकट से जूझ रहा है. निर्यातकों का कहना है कि इस फैसले से कई करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है और हजारों किसानों व श्रमिकों की आजीविका पर खतरा मंडरा रहा है. दरअसल, रूस से कच्चा तेल खरीदने पर दबाव बनाने के लिए अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ लगा दिया. इससे पहले भी 25 फीसदी टैरिफ लागू किया जा चुका था. अब कुल टैरिफ 50 फीसदी हो गया है.  अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने आदेश जारी कर कहा है कि यह शुल्क 27 अगस्त 2025 से प्रभावी हो गया है. 

मेंथा इंडस्‍ट्री पर सीधा असर

मेंथा ऑयल, जिसका उपयोग दवाइयों, ब्‍यूटी कॉस्‍मेटिक्‍स और खाद्य पदार्थों में कच्चे माल के रूप में होता है, इस टैरिफ से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है. एक निर्यातक अमृत कपूर ने बताया, 'हमारे कई ऑर्डर रोक दिए गए या रद्द कर दिए गए हैं. पहले एक प्रॉडक्‍ट 20 डॉलर का था, लेकिन 50 फीसदी टैरिफ लगने के बाद उसकी कीमत 30 डॉलर हो गई. ऐसे में अमेरिकी खरीदारों के लिए भारत से सामान लेना मुश्किल हो गया है. माल तैयार है, लेकिन भेजने का कोई रास्ता नहीं है.'

10 लाख किसान परेशान 

उन्होंने चिंता जताई कि करीब 10 लाख किसान इस उद्योग से जुड़े हैं. किसानों को अब उत्पादन लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा. वहीं, कारखाना मजदूरों के रोजगार पर भी संकट गहराने लगा है.  भारतीय उद्योग महासंघ, रामपुर चैप्टर के अध्यक्ष शिरीष गुप्ता ने कहा कि यह टैरिफ 'दबाव की रणनीति' है. उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द कोई ठोस कदम उठाएगी ताकि उद्योग और लोगों की रोजो-रोटी सुरक्षित रहे. उन्होंने कहा, 'मुझे भरोसा है कि यह स्थिति अस्थायी है और जल्द समाधान निकलेगा.' 

मुरादाबाद का निर्यात भी प्रभावित

‘पीतल नगरी’ मुरादाबाद भी इस टैरिफ की मार झेल रहा है. यहां हर साल 8,500 से 9,000 करोड़ रुपये का हस्तशिल्प निर्यात होता है, जिसमें से 75 फीसदी अमेरिका जाता है. निर्यातक हाजी इफ्तिखार ने बताया, '50 फीसदी टैरिफ के चलते 300 करोड़ रुपये के ऑर्डर रुक गए हैं और करीब 150 करोड़ रुपये का कारोबार दूसरे देशों में शिफ्ट हो रहा है. अमेरिका को होने वाला निर्यात आधा हो सकता है और करीब 2 लाख लोगों के रोजगार पर खतरा है. कई कंपनियां पहले ही कर्मचारियों की छंटनी कर रही हैं.' 

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