संभल की लखपति दीदी को दिल्ली से मिला बुलावा, 26 जनवरी को कृषि मंत्री चौहान के साथ साझा करेंगी मंच

संभल की लखपति दीदी को दिल्ली से मिला बुलावा, 26 जनवरी को कृषि मंत्री चौहान के साथ साझा करेंगी मंच

संभल के एक छोटे से गांव से निकलकर अनुपमा सिंह ने वो कर दिखाया, जो लाखों-करोड़ों महिलाओं के लिए मिसाल बन गया है. गाय के गोबर से बने उत्पादों ने उन्हें लखपति दीदी बना दिया. अब 26 जनवरी को दिल्ली परेड ग्राउंड में उनका नाम देशभर में गूंजेगा. पढ़‍िए पूरी कहानी ...

Sambhal Lakhpati Didi AnupamaSambhal Lakhpati Didi Anupama
क‍िसान तक
  • Sambhal,
  • Jan 23, 2026,
  • Updated Jan 23, 2026, 5:18 PM IST

उत्‍तर प्रदेश के जनपद संभल के छोटे से गांव बनियाखेड़ा से निकली एक महिला की मेहनत और नवाचार अब राष्ट्रीय मंच तक पहुंच गया है. गाय के गोबर से उत्पाद बनाकर आत्मनिर्भर बनी ‘लखपति दीदी’ अनुपमा सिंह को सरकार ने गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में आमंत्रित किया है. 26 जनवरी को दिल्ली के परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में अनुपमा देश के 18 राज्यों से चुनी गई महिलाओं में शामिल होंगी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ तीन मिनट तक मंच साझा करेंगी.

मोबाइल पर आया खास संदेश

अनुपमा को इस सम्मान की जानकारी सीधे उनके मोबाइल फोन पर मिली. लखनऊ और दिल्ली से आए संदेश में उन्हें बताया गया कि गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान वे गोमय उत्पादों के जरिए आत्मनिर्भरता की अपनी कहानी देश के सामने रखेंगी. यह खबर मिलते ही गांव और परिवार में खुशी का माहौल बन गया.

गोमय उत्पादों से बदली किस्मत

अनुपमा सिंह ने वर्ष 2020 में गाय के गोबर से उत्पाद बनाने का काम शुरू किया था. शुरुआत छोटे स्तर पर हुई, लेकिन मेहनत और निरंतर प्रयोग ने उनके काम को पहचान दिलाई. आज वे मोबाइल स्टैंड, देवी-देवताओं की मूर्तियां, दीवार घड़ी, आसन, माला, पटरा, चौकी, एक्यूप्रेशर चटाई जैसे कई उपयोगी और सजावटी उत्पाद तैयार कर रही हैं.

डीएम की पहल से मिली नई दिशा

अनुपमा की कहानी में संभल के जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया की भूमिका भी अहम रही. अपने उत्पादों के साथ जब अनुपमा डीएम से मिलीं तो उन्होंने न केवल हौसला बढ़ाया, बल्कि अपने खर्च पर उन्हें नागपुर में विशेष प्रशिक्षण दिलवाया. इस ट्रेनिंग के बाद अनुपमा के उत्पादों की गुणवत्ता और बाजार दोनों मजबूत हुए.

एक साल में 25 लाख का कारोबार

लगातार बढ़ती मांग और बेहतर मार्केटिंग के चलते अनुपमा ने महज एक साल में करीब 25 लाख रुपये का कारोबार खड़ा किया. ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली एक गरीब महिला का इस तरह लखपति दीदी बनना अब कई महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रहा है.

मंच से देंगी आत्मनिर्भरता का संदेश

26 जनवरी को दिल्ली परेड ग्राउंड के मंच से अनुपमा गोमय उत्पादों के महत्व, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक मजबूती पर बात करेंगी. उनका उद्देश्य सिर्फ अपने उत्पादों का प्रचार नहीं, बल्कि दूसरी महिलाओं को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है. संभल की अनुपमा आज यह साबित कर रही हैं कि सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और मेहनत से गांव की महिलाएं भी राष्ट्रीय पहचान बना सकती हैं. (अनूप कुमार की रिपोर्ट)

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