Spinach Farming: सितंबर के महीने में किसान उगाएं विटामिन से भरी ये सब्‍जी, रोज कमाएं खूब पैसा

Spinach Farming: सितंबर के महीने में किसान उगाएं विटामिन से भरी ये सब्‍जी, रोज कमाएं खूब पैसा

Spinach Farming: सितंबर में पालक की खेती किसानों को कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने वाली फसल है. बढ़ती मांग और कम समय में तैयार होने के कारण यह किसानों के लिए अतिरिक्त आमदनी का एक बेहतरीन विकल्प साबित हो रही है. पालक एक हरी पत्तेदार सब्जी है जिसकी मांग पूरे साल बनी रहती है.

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Spinach Farming: सितंबर के महीने में किसान उगाएं विटामिन से भरी ये सब्‍जी, रोज कमाएं खूब पैसा Spinach Farming: पालक की खेती है किसानों के लिए फायदे का सौदा

सितंबर का महीना किसानों के लिए पालक की खेती शुरू करने का सबसे सही समय माना जाता है. अब जबकि बरसात का मौसम करीब-करीब खत्‍म होने को है और जमीन में नमी बरकरार रहने वाली है तो पालक की खेती आपके लिए अच्‍छा विकल्‍प हो सकती है. जमीन में नमी रहने से पालक के बीज आसानी से अंकुरित हो जाते हैं. यही वजह है इस समय की गई पालक की खेती किसानों को बेहतर पैदावार और अच्छा मुनाफा देती है. 

पालक की खेती क्यों है फायदेमंद?

सितंबर में पालक की खेती किसानों को कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने वाली फसल है.  बढ़ती मांग और कम समय में तैयार होने के कारण यह किसानों के लिए अतिरिक्त आमदनी का एक बेहतरीन विकल्प साबित हो रही है. पालक एक हरी पत्तेदार सब्जी है जिसकी मांग पूरे साल बनी रहती है. यह पोषक तत्वों से भरपूर होती है और इसे आमतौर पर घरों के साथ-साथ होटलों, रेस्तरां और कैंटीनों में भी बड़ी मात्रा में इस्तेमाल किया जाता है. पालक की एक बार बुआई करने पर कई बार पत्तियां तोड़ी जा सकती हैं, जिससे किसानों की आय लगातार बनी रहती है. 

खेत की तैयारी और बीज बुआई

  • खेत को अच्छी तरह जुताई करके भुरभुरी मिट्टी बना लें. 
  • पालक के लिए दोमट या बलुई दोमट मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है. 
  • सितंबर में बीज की बुवाई कतारों में करनी चाहिए. 
  • कतार से कतार की दूरी 25 से 30 सेंटीमीटर होनी चाहिए.  
  • वहीं पौधे से पौधे की दूरी लगभग 8 से 10 सेंटीमीटर रखना फायदेमंद रहेगा. 
  • बीज बोने के बाद हल्की सिंचाई कर दें ताकि नमी बनी रहे. 

खाद और सिंचाई

  • बुवाई से पहले खेत में गोबर की अच्छी तरह सड़ी हुई खाद डालना जरूरी है. 
  • फसल बढ़ने के दौरान यूरिया और पोटाश का प्रयोग संतुलित मात्रा में करने से पत्तियां हरी-भरी और मुलायम बनती हैं. 
  • सिंचाई की जरूरत मौसम पर निर्भर करती है, लेकिन ध्यान रहे कि खेत में जलभराव न होने पाए. 

फसल कटाई और मुनाफा

पालक की पत्तियां बुवाई के लगभग 25 से 30 दिन बाद तोड़ने लायक हो जाती हैं. इसके बाद हर 15 से 20 दिन में दोबारा कटाई की जा सकती है. एक हेक्टेयर में पालक की अच्छी पैदावार से किसान 60 से 80 हजार रुपये तक की कमाई कर सकते हैं. 

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