
महाराष्ट्र के मालाड में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यहां फलों पर जहरीली दवा लगाने की घटना सामने आई है. फलों पर चूहे मारने की दवा लगाई जा रही थी. एक फल वेंडर ने ग्राहकों की जान से खिलवाड़ किया और फलों को चूहों से बचाने के लिए जहरीली दवाई लगाई. यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई है. पुलिस को इसकी जानकारी देने के बाद उसकी दुकान सील कर दी गई है.
मालाड पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दुष्यंत चव्हाण ने जानकारी देते हुए बताया, मालाड इलाके में एक शख्स कुणाल सालुंके द्वारा एक गंभीर शिकायत दर्ज कराई गई थी. शिकायत में बताया गया कि दो फल विक्रेता फलों पर चूहा मारने की दवा लगाकर उन्हें बाजार में बेच रहे हैं, जिससे आम लोगों की सेहत और जान को बड़ा खतरा हो सकता है. शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया. दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई.
दुष्यंत चव्हाण ने कहा, प्रारंभिक जांच में आरोपियों ने बताया कि फलों को चूहों से बचाने के लिए वे उन पर चूहा मारने की दवा लगाते थे. लेकिन इस तरह का कृत्य बेहद खतरनाक और कानूनन अपराध है, क्योंकि इससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है. गिरफ्तार आरोपियों के नाम मनोज कुमार केसरवानी और बिपिन केसरवानी हैं.
दोनों के खिलाफ मालाड पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 125, 274, 275 और 286 के तहत मामला दर्ज किया गया है. आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है. पुलिस की ओर से लोगों से अपील की गई है कि यदि इस तरह की कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते सख्त कार्रवाई की जा सके.
डॉक्टर इस नए तरह की मिलावटखोरी के खिलाफ लोगों को आगाह कर रहे हैं. डॉक्टरों ने इस बड़े खतरे से लोगों को सावधान रहने की अपील की है. डॉक्टरों के मुताबिक, हम सोच भी नहीं सकते कि यह दवा कितनी खतरनाक है. अगर फलों को धोकर खाया भी जाए, तो जहर के निशान छिलके के जरिए अंदर जा सकते हैं. इससे पेट में तेज दर्द, उल्टी और लिवर की पक्की बीमारी हो सकती है. अगर कोई छोटा बच्चा यह फल खा ले, तो उसके लिए जानलेवा हो सकता है.
पुलिस को इसकी जानकारी देने के बाद उसकी दुकान सील कर दी गई है. हालांकि, मालाड के लोग इस फल बेचने वाले की करतूत देखकर हैरान हैं. इस घटना ने बाजार में बिकने वाले फलों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. मालाड के लोग फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन और लोकल एडमिनिस्ट्रेशन से मामले की जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं.(शिवशंकर तिवारी का इनपुट)