
महाराष्ट्र सरकार महिला किसानों को मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की है कि राज्य सरकार 22 जून से शुरू होने वाले विधानसभा के मॉनसून सत्र में 'महाराष्ट्र महिला किसान सशक्तिकरण विधेयक, 2026' पेश करेगी. इस विधेयक का उद्देश्य महिला किसानों को अलग कानूनी पहचान देना और उन्हें सरकारी योजनाओं और संस्थागत सहायता का लाभ आसानी से उपलब्ध कराना है. मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को अपने सरकारी आवास पर आयोजित बैठक में इस प्रस्तावित विधेयक के मसौदे की समीक्षा की. बैठक में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे और कृषि राज्य मंत्री आशीष जायसवाल सहित कई अधिकारी मौजूद रहे.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र के कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी 81 फीसदी से अधिक है, लेकिन इसके बावजूद कई महिला किसानों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पाता है, जिससे उन्हें परेशानी होती है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में कई कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए जमीन का मालिकाना हक जरूरी होता है. इस वजह से वे महिलाएं, जो परिवार या समुदाय की जमीन पर खेती करती हैं, उन्हें अक्सर किसान के रूप में पहचान नहीं मिल पाती है. इसके अलावा पशुपालन, मछली पालन, मुर्गी पालन और वन उपज संग्रहण जैसी कृषि से जुड़ी गतिविधियों में काम करने वाली महिलाओं को भी कई बार किसान की मान्यता नहीं मिलती. इसी समस्या को दूर करने के लिए नए विधेयक का मसौदा तैयार किया गया है.
प्रस्तावित कानून के तहत महिला किसानों को सरकारी योजनाओं तक बेहतर पहुंच देने की तैयारी है. इसमें कृषि लोन, सब्सिडी, बीज, खाद, फसल बीमा, कृषि प्रशिक्षण और बाजार से जुड़ी सुविधाओं को शामिल किया जाएगा. CM देवेंद्र फडणवीस ने अधिकारियों को एक मजबूत डिजिटल सिस्टम तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जिससे महिला किसान आसानी से सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन कर सकें और उन्हें मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी भी मिल सके. इस डिजिटल व्यवस्था के जरिए महिला किसानों को लोन योजनाओं, कृषि उपकरणों, बीज, उर्वरक, फसल बीमा, परिवहन, भंडारण सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा जाएगा.
सरकार का मानना है कि खेती में महिलाओं की मेहनत और योगदान को पहचान मिलना जरूरी है. खेतों में काम करने से लेकर पशुपालन और अन्य कृषि गतिविधियों तक महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, लेकिन कई बार उन्हें किसान के तौर पर उचित अधिकार नहीं मिल पाते. महाराष्ट्र सरकार का यह विधेयक महिला किसानों को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. अगर यह कानून लागू होता है तो बड़ी संख्या में महिला किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा और कृषि क्षेत्र में उनकी भागीदारी को नई पहचान मिलेगी. (PTI)