
महाराष्ट्र में सूखे जैसे हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने 11 विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं. इन विभागों से जुड़े कर्मचारियों को फील्ड में जाकर फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने और सूखा प्रबंधन से जुड़े कामों में जुटने के निर्देश दिए गए हैं. राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सोमवार को यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के करीब 75 फीसदी हिस्से में सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है. सोयाबीन की फसल पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा है. राज्य सरकार प्रभावित इलाकों में हालात का आकलन कर रही है, ताकि नुकसान के आधार पर किसानों को राहत देने का फैसला किया जा सके.
महाराष्ट्र सरकार ने शनिवार को राज्य के 358 में से 265 तालुकाओं को सूखा प्रभावित घोषित किया था. बारिश की कमी को देखते हुए सरकार ने किसानों के लिए कई राहत उपायों की घोषणा की है. इनमें फसल लोन के पुनर्गठन, भूमि राजस्व में रियायत और बिजली बिल में सब्सिडी जैसे प्रावधान शामिल हैं.
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सूखे की स्थिति का आकलन करने के लिए कैबिनेट की एक उप समिति बनाई है. इस समिति के सदस्य प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर फसल नुकसान की स्थिति देख रहे हैं.
उन्होंने कहा कि सरकार फसल बीमा और राष्ट्रीय आपदा मोचन कोष यानी NDRF के नियमों के तहत उपलब्ध सहायता का भी परीक्षण करेगी. लागू प्रावधानों के तहत किसानों को मिलने वाली पात्र सहायता में जो अधिक लाभ उपलब्ध होगा, उस पर विचार किया जाएगा.
बावनकुले ने कहा कि किसानों के लिए वित्तीय सहायता का फैसला सभी आकलन रिपोर्ट मिलने और उनके समेकित अध्ययन के बाद किया जाएगा. उन्होंने कहा कि व्यापक मूल्यांकन के बिना जल्दबाजी में राहत घोषित करने से कुछ प्रभावित किसान सहायता के दायरे से बाहर रह सकते हैं.
राजस्व मंत्री हिंगोली जिले के दौरे पर थे, जहां उन्होंने अराती गांव में फसल नुकसान का जायजा लिया. जिले के पांच तालुकाओं कलमनुरी, वसमत, औंढा नागनाथ, सेनगांव और हिंगोली को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है.
हिंगोली के कलेक्टर राहुल गुप्ता ने सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियों को लेकर आदेश जारी किया है. इसके तहत विभिन्न विभागों के कार्यालय प्रमुखों को कलेक्टर की अनुमति के बिना कर्मचारियों की छुट्टी मंजूर नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं.
आदेश में कहा गया है कि सूखा प्रबंधन और फसल नुकसान के आकलन से जुड़े काम के दौरान बिना आधिकारिक अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. सरकार का जोर प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक अमले की मौजूदगी बनाए रखने और नुकसान का जमीनी आकलन पूरा करने पर है.
इस बीच, हिंगोली दौरे के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चंद्रशेखर बावनकुले के काफिले को रोक दिया, जिसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किसानों को तत्काल राहत देने और SIR प्रक्रिया को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए मंत्री को ज्ञापन सौंपा. (पीटीआई)