
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में गुरुवार तड़के एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां जंगली हाथी के हमले में धान खरीदी केंद्र के प्रभारी की मौत हो गई. घटना के दौरान मौजूद उनकी पत्नी और कुछ कर्मचारी किसी तरह जान बचाकर भागने में सफल रहे. वन विभाग ने घटना की पुष्टि करते हुए इलाके में हाथियों की सक्रियता को लेकर ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है. घटना कोरबा वन मंडल के अंतर्गत करतला थाना क्षेत्र के कुदमुरा गांव में तड़के करीब 2 बजे हुई.
यहां किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा गया बड़ी मात्रा में धान परिवहन की व्यवस्था नहीं होने के कारण खरीदी केंद्र परिसर में ही रखा हुआ था. धान के स्टॉक की सुरक्षा के लिए केंद्र प्रभारी वहीं अस्थायी झोपड़ी बनाकर रात में ठहर रहे थे. मृतक की पहचान 55 वर्षीय राजेश कुमार सिंह के रूप में हुई है, जो प्रेम नगर राजगमार के निवासी थे. वह कोरकोमा स्थित आदिवासी सहकारी समिति में सेल्समैन के पद पर कार्यरत थे और कुदमुरा धान खरीदी केंद्र के प्रभारी बनाए गए थे.
हाल के दिनों में धान चोरी की कुछ घटनाएं सामने आने के बाद उन्होंने एहतियात के तौर पर खरीदी केंद्र पर ही रात में रुकना शुरू कर दिया था. बताया गया कि घटना वाली रात राजेश कुमार सिंह अपनी पत्नी पिंकी देवी और दो-तीन कर्मचारियों के साथ केंद्र परिसर में मौजूद थे. इसी दौरान एक जंगली हाथी अचानक परिसर में घुस आया.
हाथी को भगाने के लिए उन्होंने टॉर्च की रोशनी और तेज आवाज का सहारा लेकर उसे डराने की कोशिश की, लेकिन प्रयास सफल नहीं हो सका. कुछ ही देर में हाथी आक्रामक हो गया और उसने राजेश कुमार सिंह पर हमला कर दिया. हाथी ने उन्हें कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई.
अचानक हुए इस हमले से वहां अफरा-तफरी मच गई और उनकी पत्नी सहित अन्य कर्मचारी किसी तरह जान बचाकर वहां से भाग निकले. घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. कुदमुरा वन परिक्षेत्र अधिकारी जी एस पैकरा ने बताया कि मृतक की पत्नी को तत्काल सहायता के रूप में 25 हजार रुपये प्रदान किए गए हैं.
शासन के नियमों के अनुसार शेष 5.75 लाख रुपये का मुआवजा देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. वन विभाग ने आसपास के गांवों के लोगों से अपील की है कि क्षेत्र में जंगली हाथियों की लगातार आवाजाही बनी हुई है, इसलिए रात के समय खेतों या खरीदी केंद्रों में अकेले जाने से बचें और सतर्क रहें. (पीटीआई)