
कोच्चि टी ऑक्शन में इस हफ्ते CTC डस्ट चाय की मांग सामान्य रही, लेकिन खरीदारों ने गुणवत्ता को लेकर काफी सतर्क रुख अपनाया. कारोबारियों के अनुसार बाजार में अनिश्चितता का असर साफ दिखाई दिया और कई श्रेणियों की चाय में कमजोर खरीद देखने को मिली. खासतौर पर अच्छी क्वालिटी वाली चाय में भी कीमतों पर दबाव बना रहा. एलपीजी की कमी और मजदूरों की उपलब्धता घटने के कारण कई होटल और सड़क किनारे चलने वाले भोजनालय प्रभावित हुए हैं. इसका असर स्थानीय स्तर पर चाय की खपत पर भी पड़ा है. कारोबारियों का कहना है कि घरेलू मांग कमजोर रहने से नीलामी बाजार में खरीदार सीमित मात्रा में ही सक्रिय रहे.
बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, सेल नंबर 21 में अच्छी लिकर वाली चाय की कीमतों में 1 से 2 रुपये प्रति किलो तक की गिरावट दर्ज की गई. मध्यम श्रेणी की चाय में भी कमजोरी रही और कई लॉट पर्याप्त बोली नहीं मिलने के कारण वापस लेने पड़े. इस बार कुल 5,61,688 किलोग्राम चाय नीलामी में पेश की गई, जिसमें 76 प्रतिशत बिक्री हुई. औसत कीमत घटकर 155.55 रुपये प्रति किलो रह गई, जबकि पिछले सप्ताह यह 157.88 रुपये प्रति किलो थी.
नीलामी में बिकी कुल CTC मात्रा का लगभग 71 प्रतिशत हिस्सा ब्लेंडर्स ने खरीदा. इससे साफ है कि बड़े खरीदार अभी भी सीमित लेकिन चयनित खरीदारी कर रहे हैं. दूसरी ओर पारंपरिक चाय के डस्ट बाजार में प्राथमिक ग्रेड की चाय मजबूत बनी रही, जबकि सेकेंडरी ग्रेड की कई चाय बिक नहीं सकीं.
टी ट्रेड एसोसिएशन ऑफ कोचिन के अध्यक्ष अनिल जॉर्ज के अनुसार, पारंपरिक चाय का बाजार अभी भी मजबूत बना हुआ है. अच्छी गुणवत्ता वाली होल लीफ चाय की मांग लगातार बनी हुई है. मिडिल ईस्ट और CIS देशों के खरीदारों की सक्रिय भागीदारी से बिक्री प्रतिशत बेहतर रहा और बाजार को समर्थन मिला.
नीलामी एजेंसियों के अनुसार इस सप्ताह कुल वेटेड एवरेज पिछले सप्ताह के मुकाबले कमजोर रहा. इसकी मुख्य वजह कम गुणवत्ता वाली और सेकेंडरी श्रेणी की अधिक मात्रा में बिक्री रही. पारंपरिक चाय श्रेणी में 1,76,993 किलोग्राम चाय पेश की गई, जिसमें 94 प्रतिशत बिक्री हुई.
औसत कीमत 6 रुपये घटकर 178.44 रुपये प्रति किलो रह गई. होल लीफ और ब्रोकन चाय की मांग मजबूत रही, जबकि बाकी श्रेणियों में असमान रुख देखने को मिला. CIS देशों और पड़ोसी बाजारों से अच्छा समर्थन मिला, वहीं मिडिल ईस्ट से भी संतोषजनक पूछताछ दर्ज की गई.