Agri Business: कैसे तैयार होता है गुड़ पाउडर, बिजनेस में होता है कितना मुनाफा, समझें सबकुछ

Agri Business: कैसे तैयार होता है गुड़ पाउडर, बिजनेस में होता है कितना मुनाफा, समझें सबकुछ

गुड़ पाउडर दरअसल पारंपरिक ठोस गुड़ का ही एक आधुनिक रूप है. इसे छोटे-छोटे दानों या पाउडर के रूप में तैयार किया जाता है जिससे इसे इस्तेमाल करना आसान हो जाता है. चाय, मिठाई, बेकरी प्रोडक्ट्स और घरेलू पकवानों में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है. खास बात यह है कि गुड़ पाउडर में आयरन, कैल्शियम और मिनरल्स मौजूद रहते हैं, जो सफेद चीनी में नहीं होते.

क‍िसान तक
  • New Delhi ,
  • Jan 02, 2026,
  • Updated Jan 02, 2026, 8:00 AM IST

सेहत के प्रति बढ़ती जागरूकता के बीच लोग अब रिफाइंड चीनी की जगह प्राकृतिक और पारंपरिक मिठास की ओर लौट रहे हैं. इसी वजह से गुड़ और उससे बने उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है. खासतौर पर गुड़ पाउडर (Jaggery Powder) आज शहरों से लेकर गांवों तक तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. यह न सिर्फ सेहत के लिए बेहतर माना जाता है  बल्कि कम लागत में शुरू होने वाला एक मुनाफेदार बिजनेस आइडिया भी बन चुका है. गुड़ पाउडर सिर्फ एक खाद्य उत्पाद नहीं, बल्कि किसानों और छोटे उद्यमियों के लिए कम लागत में ज्यादा कमाई का अवसर है. सही तकनीक, गुणवत्ता और बाजार रणनीति अपनाकर यह बिजनेस लंबे समय तक स्थायी मुनाफा दे सकता है.

गुड़ पाउडर क्या होता है

गुड़ पाउडर दरअसल पारंपरिक ठोस गुड़ का ही एक आधुनिक रूप है. इसे छोटे-छोटे दानों या पाउडर के रूप में तैयार किया जाता है जिससे इसे इस्तेमाल करना आसान हो जाता है. चाय, मिठाई, बेकरी प्रोडक्ट्स और घरेलू पकवानों में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है. खास बात यह है कि गुड़ पाउडर में आयरन, कैल्शियम और मिनरल्स मौजूद रहते हैं, जो सफेद चीनी में नहीं होते.

कैसे होता है तैयार 

गुड़ पाउडर बनाने की प्रक्रिया पारंपरिक गुड़ निर्माण से शुरू होती है, लेकिन इसके बाद कुछ अतिरिक्त चरण होते हैं. सबसे पहले ताजा गन्ने का रस निकाला जाता है. इस रस को बड़े कढ़ाव में उबालकर उसमें से गंदगी हटाई जाती है. जब रस गाढ़ा होकर गुड़ का रूप लेने लगता है तब उसे ठंडा होने दिया जाता है. इसके बाद ठोस गुड़ को क्रशिंग मशीन या ग्राइंडर की मदद से छोटे दानों या पाउडर में बदल दिया जाता है. इसके बाद गुड़ पाउडर को छानने की प्रक्रिया से गुजारा जाता है ताकि बड़े टुकड़े अलग हो जाएं. आखिर में इसे नमी से बचाने के लिए अच्छी तरह सुखाकर एयरटाइट पैकिंग की जाती है. सही तरीके से तैयार किया गया गुड़ पाउडर 6 से 8 महीने तक खराब नहीं होता.

बिजनेस की लागत कितनी 

गुड़ पाउडर का बिजनेस छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है. अगर किसान या उद्यमी के पास पहले से गन्ने की उपलब्धता है तो लागत और कम हो जाती है.

  • क्रशिंग या ग्राइंडिंग मशीन: 50 हजार से 1.5 लाख रुपये.
  • पैकिंग मशीन (वैकल्पिक): 40 हजार से 1 लाख रुपये.
  • कच्चा माल, मजदूरी और अन्य खर्च: 50 हजार रुपये के आसपास.

इस तरह छोटे स्तर पर 1.5 से 3 लाख रुपये में यह बिजनेस शुरू किया जा सकता है.

कुल कितना मुनाफा होता 

बाजार में गुड़ पाउडर की कीमत 60 से 120 रुपये प्रति किलो तक होती है जो गुणवत्ता और पैकिंग पर निर्भर करती है. अगर एक यूनिट रोजाना 500 किलो गुड़ पाउडर तैयार करती है तो महीने में करीब 15 टन उत्पादन हो सकता है. औसतन सभी खर्च निकालने के बाद 20 से 30 प्रतिशत तक शुद्ध मुनाफा संभव है. खास बात यह है कि ऑर्गेनिक और केमिकल-फ्री गुड़ पाउडर पर मुनाफा और भी ज्यादा होता है. गुड़ पाउडर की मांग सिर्फ स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं है. हेल्थ स्टोर्स, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, किराना दुकानों और होटलों में इसकी अच्छी खपत है. इसके अलावा विदेशों में भी भारतीय गुड़ पाउडर की डिमांड बढ़ रही है, जिससे निर्यात की संभावनाएं भी खुलती हैं.

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