
भारत सरकार ने चीनी के निर्यात पर एक बड़ा फैसला लिया है. सरकार की तरफ से अब हर साल ऑर्गेनिक चीनी के निर्यात की मंजूरी दे दी गई है. इस फैसले को निर्यातकों के लिए बड़ी राहत करार दिया जा रहा है. एक नोटिफिकेशन के मुताबिक सरकार ने हर फाइनेंशियल ईयर में 50,000 टन तक ऑर्गेनिक चीनी के एक्सपोर्ट की इजाजत दी है. यह एक्सपोर्ट एग्रीकल्चरल एंड प्रोसेस्ड फ़ूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी APEDA के नियमों के तहत है.
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने एक नोटिफिकेशन में कहा, 'ऑर्गेनिक चीनी के एक्सपोर्ट की इजाजत है. हर फाइनेंशियल ईयर में कुल 50,000 टन की लिमिट के साथ, जो APEDA द्वारा अलग से तय किए गए तरीकों के हिसाब से है.' ऑर्गेनिक चीनी बिना पेस्टिसाइड और फर्टिलाइजर के उगाए गए गन्ने से बनती है. यह ऑर्गेनिक खेती और प्रोसेसिंग स्टैंडर्ड का भी पालन करती है.
यह फैसला 18 अक्टूबर 2023 को आए नोटिफिकेशन नंबर 36/2023 में थोड़ा बदलाव करके लिया गया है. बदली हुई नीति के मुताबिक HS कोड 1701 14 90 और 1701 99 90 के तहत ऑर्गेनिक चीनी, जो पहले ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में थी, अब तुरंत एक्सपोर्ट की इजाजत है. हालांकि यह हर फाइनेंशियल साल में 50,000 MT की कुल एक्सपोर्ट लिमिट के अधीन है.
एक्सपोर्ट फॉरेन ट्रेड पॉलिसी (एफटीपी), 2023 के तहत तय प्रोसेस के अनुसार किया जाएगा. इसके अलावा, इन एक्सपोर्ट के तरीके एग्रीकल्चरल एंड प्रोसेस्ड फ़ूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (APEDA) तय करेगी. यहां आपको बता दें कि ऑर्गेनिक चीनी में ब्राउन शुगर हरगिज नहीं आती है.ब्राउन शुगर में सिर्फ सफेद चीनी में कुछ मात्रा में मोलासेस लौटाया जाता है लेकिन वह जरूरी नहीं कि ऑर्गेनिक मानकों को पूरा करती हो.
भारत में ऑर्गेनिक चीनी का उत्पादन अभी भी बहुत सीमित है. यह पारंपरिक चीनी की तरह बड़े पैमाने पर नहीं बनती. एपीडा की रिपोर्ट के अनुसार 2022-23 में ऑर्गेनिक चीनी का प्रमाणित उत्पादन लगभग 729,350 टन दर्ज हुआ था. एपीडा के आंकड़ों के मुताबिक भारत ने 2021–22 में करीब 21,932 टन ऑर्गेनिक चीनी का निर्यात भी किया था.
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