Agriculture Mission: खेती होगी और हाइटेक, डिजिटल मिशन के लिए बजट में हो सकता है बड़ा ऐलान 

Agriculture Mission: खेती होगी और हाइटेक, डिजिटल मिशन के लिए बजट में हो सकता है बड़ा ऐलान 

साल 2024-25 के अपने बजट भाषण में, सीतारमण ने तीन साल के समय में किसानों और उनकी जमीन को कवर करने के लिए एग्रीकल्चर के लिए एक डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) शुरू करने का ऐलान किया था. इस मिशन का मकसद डीपीआई के तौर पर जानकारी का एक स्टैंडर्ड सिंगल सोर्स बनाना है. इसमें एग्रीस्टैक, कृषि डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (डीएसएस) और सॉइल प्रोफाइल मैप शामिल हैं.

क‍िसान तक
  • New Delhi ,
  • Jan 01, 2026,
  • Updated Jan 01, 2026, 10:19 PM IST

नया साल आने के साथ ही अब नए वित्तीय वर्ष के लिए बजट को लेकर चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं. बजट कैसा होना चाहिए इस दिशा में भी तैयारियां शुरू हो जाएंगी. इस बीच ऐसी भी खबरें हैं कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आने वाले बजट 2026-27 में डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन को बढ़ाने के लिए बजट में इजाफे का ऐलान कर सकती हैं. एक मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से इस बात की जानकारी दी गई है. डिजिटल एग्रीकल्‍चर मिशन के तहत एग्रीस्‍टैक सबसे महत्‍वाकांक्षी प्रोजेक्‍ट है जिसमें देश के राज्‍यों के किसानों का डिजिटल रिकॉर्ड समेटा जा रहा है. इस पूरे मिशन को देश के कृषि क्षेत्र के लिए क्रांतिकारी बताया जा रहा है. 

और एडवासं होगा एग्रीकल्‍चर मिशन 

पिछले साल 2,817 करोड़ रुपये के बजट के साथ शुरू किया गया डिजिटल एग्रीकल्‍चर मिशन वित्त वर्ष 2026 के आखिर तक वैध था. सूत्रों के हवाले से फाइनेंशिय एक्‍सप्रेस ने बताया है कि फसल के अनुमान, शर्तों और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-किसान) के साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कैश बेनिफिट ट्रांसफर सहित वेलफेयर स्कीमों को सही से लागू करने और इन्‍हें और कार‍गर बनाने के लिए लाने के लिए मिशन के लिए फंडिंग में काफी बदलाव किए जाने की संभावना है. 

मजबूत होगा इनफ्रास्‍ट्रक्‍चर 

साल 2024-25 के अपने बजट भाषण में, सीतारमण ने तीन साल के समय में किसानों और उनकी जमीन को कवर करने के लिए एग्रीकल्चर के लिए एक डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) शुरू करने का ऐलान किया था. इस मिशन का मकसद डीपीआई के तौर पर जानकारी का एक स्टैंडर्ड सिंगल सोर्स बनाना है. इसमें एग्रीस्टैक, कृषि डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (डीएसएस) और सॉइल प्रोफाइल मैप शामिल हैं. एक अधिकारी ने बताया कि किसानों को यूरिया की बिक्री पर नजर रखने और एग्रीस्टैक में मौजूद किसान डेटा के साथ उन्हें मैप करने के लिए चार राज्यों के सात जिलों में एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है. 

फसल सर्वे से मिले अहम 

खरीफ 2025 के दौरान डिजिटल फसल सर्वे के जरिए, 604 जिलों में 300 लाख प्लॉट के लिए फसल की बुआई का डेटा इकट्ठा किया गया ताकि ज्‍यादा सटीक प्रोडक्शन अनुमान लगाया जा सके. अखबार की तरफ से बताया गया है कि जल्‍द ही कृषि मंत्रालय एक डिजिटल प्लेटफॉर्म, वर्चुअली इंटीग्रेटेड सिस्टम टू एक्सेस एग्रीकल्चरल रिसोर्सेज (VISTAAR) लॉन्च करेगा. इसके तहत देश भर के किसानों को खेती के सबसे अच्छे तरीके सीखने के लिए एक वर्चुअल क्लासरूम का एक्सेस मिलेगा. यह प्लेटफॉर्म क्रेडिट, इंश्योरेंस और डिजिटल मार्केटप्लेस तक एक्सेस को भी आसान बनाएगा. 

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