
कर्नाटक में त्योहारों से ठीक पहले लोगों पर महंगाई का असर पड़ सकता है. राज्य कैबिनेट ने नंदिनी दूध की कीमत में 8 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. हालांकि, आचार संहिता लागू होने के कारण इसे अभी आधिकारिक तौर पर लागू नहीं किया गया है. वहीं, बस किराया बढ़ाने के प्रस्ताव पर फिलहाल फैसला टाल दिया गया है. कैबिनेट ने बेंगलुरु की पुलिस व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव करते हुए शहर को पांच पुलिस कमिश्नरेट में बांटने का फैसला किया है.
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कर्नाटक कैबिनेट की बैठक में नंदिनी दूध की कीमत बढ़ाने पर चर्चा हुई. शुरुआत में दूध की कीमत में 10 से 12 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव था, लेकिन चर्चा के बाद 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी पर सहमति बनी. कैबिनेट ने कीमत बढ़ाने का अंतिम फैसला मुख्यमंत्री पर छोड़ दिया है. सरकार को इस बढ़ोतरी को लागू करने से पहले चुनाव आयोग से मंजूरी लेनी होगी, क्योंकि राज्य में विधान परिषद चुनाव के कारण मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट यानी आदर्श आचार संहिता लागू है.
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयोग की मंजूरी मिलने के बाद नंदिनी दूध की नई कीमत 1 नवंबर से लागू हो सकती है. हालांकि, अंतिम तारीख और बढ़ोतरी की सही राशि पर मुख्यमंत्री फैसला लेंगे. अगर पूरे 8 रुपये की बढ़ोतरी उपभोक्ताओं पर लागू होती है, तो नंदिनी के नीले पैकेट वाले टोंड दूध की कीमत 46 रुपये से बढ़कर 54 रुपये प्रति लीटर हो सकती है. यह पिछले कुछ वर्षों में नंदिनी दूध की कीमत में पांचवीं बढ़ोतरी होगी.
दूध की कीमत बढ़ाने की मांग दूध यूनियनों की ओर से की गई थी. यूनियनों ने पशु चारा, दवाइयों, परिवहन और पैकेजिंग की बढ़ती लागत का हवाला दिया था. सूखे जैसी स्थिति के कारण चारे की कमी को भी एक वजह बताया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित 8 रुपये की बढ़ोतरी में से 6 रुपये दूध उत्पादकों और 2 रुपये दूध यूनियनों को देने का फॉर्मूला चर्चा में है. हालांकि, इसका अंतिम फैसला अभी बाकी है.
कैबिनेट बैठक में राज्य की बसों का किराया बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई. राज्य परिवहन निगमों ने ईंधन, रखरखाव और दूसरे संचालन खर्च बढ़ने का हवाला देते हुए किराया बढ़ाने की मांग की है. हालांकि, कैबिनेट ने फिलहाल बस किराया बढ़ाने का फैसला टाल दिया है. इस मुद्दे पर आचार संहिता हटने के बाद दोबारा चर्चा होने की संभावना है.
कैबिनेट ने बेंगलुरु की पुलिस व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव मंजूर किया है. इसके तहत मौजूदा पुलिस कमिश्नरेट को पांच अलग-अलग हिस्सों में बांटा जाएगा. इनमें बेंगलुरु सेंट्रल, ईस्ट, वेस्ट, नॉर्थ और साउथ शामिल होंगे. इन पांचों कमिश्नरेट की निगरानी एक चीफ पुलिस कमिश्नर के स्तर से की जाएगी. सरकार का कहना है कि इस बदलाव से कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक व्यवस्था, अपराध पर नियंत्रण और लोगों की सुरक्षा को बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिलेगी.
नई पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए वित्त विभाग ने 1,022 नए पदों को मंजूरी दी है. हालांकि, अपराध की जांच, ट्रैफिक और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े कामों के लिए करीब 6,550 पदों की जरूरत बताई गई है. बेंगलुरु की बढ़ती आबादी और ट्रैफिक के साथ अपराध नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए पुलिस व्यवस्था में यह बदलाव किया जा रहा है. पांच कमिश्नरेट बनने के बाद शहर के अलग-अलग हिस्सों में पुलिस प्रशासन को ज्यादा स्थानीय स्तर पर काम करने का मौका मिलेगा.
नंदिनी दूध की प्रस्तावित कीमत बढ़ोतरी ऐसे समय में सामने आई है, जब कर्नाटक में दशहरा और दिवाली जैसे त्योहार आने वाले हैं. हालांकि, आचार संहिता के कारण सरकार अभी इसे औपचारिक रूप से लागू नहीं कर सकती. फिलहाल दूध की कीमत बढ़ाने का प्रस्ताव चुनाव आयोग की मंजूरी का इंतजार कर रहा है, जबकि बस किराया बढ़ाने का मामला अगली कैबिनेट चर्चा तक टाल दिया गया है. दूसरी ओर, बेंगलुरु में पांच पुलिस कमिश्नरेट बनाने का फैसला प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है. (PTI)
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