
खरगोन में कपास किसानों का प्रदर्शनमध्य प्रदेश के खरगोन में कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) की ओर से कपास की खरीद शुरू नहीं किए जाने को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा. राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान आनंद नगर स्थित कपास मंडी पहुंचे और मुख्य गेट पर ताला लगाकर धरने पर बैठ गए. किसानों ने नारेबाजी करते हुए CCI से जल्द कपास की खरीद शुरू करने की मांग की. इस दौरान मंडी में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही.
किसानों का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि अक्टूबर की शुरुआत से CCI कपास की खरीद शुरू कर देगा. खरीद शुरू नहीं होने के कारण उन्हें खुले बाजार में कम कीमत पर अपनी उपज बेचनी पड़ रही है. प्रदर्शनकारी किसानों ने चेतावनी दी कि CCI की खरीद शुरू होने तक उनका विरोध जारी रहेगा.
किसानों का दावा है कि खरगोन की कपास मंडी में फिलहाल कपास की कीमत करीब 6,000 से 8,000 रुपये प्रति क्विंटल के बीच मिल रही है, जबकि CCI की खरीद में उन्हें 8,700 रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा भाव मिलने की उम्मीद है. किसानों का कहना है कि कम बाजार भाव के कारण उन्हें प्रति क्विंटल बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.

प्रदर्शन के दौरान मंडी गेट बंद होने से उपज लेकर पहुंचे कई किसान और वाहन चालक भी परेशान हो गए. गेट खोलने को लेकर वाहन चालकों और प्रदर्शनकारी किसानों के बीच कहासुनी की स्थिति बनी. बाद में कुछ लोगों ने मंडी का गेट खोल दिया, जिससे दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए. हालात संभालने के लिए पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा. मौके पर तहसीलदार, पुलिस और मंडी के अधिकारी भी पहुंचे.
मंडी सचिव शर्मिला निनामा के मुताबिक, किसानों की प्रमुख मांग CCI की खरीद शुरू कराने की थी. उन्होंने बताया कि किसानों को जानकारी दी गई है कि CCI 15 अक्टूबर से खरीद शुरू करेगा. मंडी प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से गेट खोलने की अपील भी की, ताकि पहले से मंडी में मौजूद किसान और वाहन बाहर निकल सकें.
राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के क्रांति उपाध्यक्ष कैलाश पाटीदार ने भी कहा कि मंडी सचिव की ओर से उन्हें 15 अक्टूबर से CCI की खरीद शुरू होने की जानकारी दी गई है. उन्होंने किसानों को हो रही परेशानियों का मुद्दा उठाते हुए आंदोलन के दौरान हुई किसान की मौत को दुखद बताया.
इस बीच आंदोलन के दौरान 45 वर्षीय किसान अशोक मंगत वर्मा की अचानक तबीयत बिगड़ गई. बताया गया है कि वर्मा लेपा के रहने वाले थे. तबीयत बिगड़ने के बाद वह मंडी परिसर में गिर पड़े. वहां मौजूद लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की. रास्ते में एसडीओपी सौरभ तोमर के वाहन से किसान को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

मंडी सचिव के मुताबिक उन्हें किसान की मौत की जानकारी मिली है और शुरुआती तौर पर अटैक आने की बात बताई गई है. राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के पदाधिकारियों ने भी घटना पर दुख जताया है. वहीं पुलिस मामले की जांच में जुटी है. किसान की मौत की वास्तविक वजह चिकित्सकीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.
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