रांची को ‘मिलेट राजधानी’ बनाने की अपील, मडुआ क्रांति योजना से किसानों को मिलेगा प्रोत्साहन

रांची को ‘मिलेट राजधानी’ बनाने की अपील, मडुआ क्रांति योजना से किसानों को मिलेगा प्रोत्साहन

झारखंड के किसानों और कृषि वैज्ञानिकों से रांची को देश की ‘मिलेट राजधानी’ बनाने की अपील की गई है. कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने बताया कि राज्य सरकार ने ‘मडुआ क्रांति योजना’ शुरू की है. इसके तहत मडुआ (फिंगर मिलेट) की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 3,000 रुपये का प्रोत्साहन दिया जाता है.

रांची बनेगा मिलेट राजधानी (AI- तस्वीर)रांची बनेगा मिलेट राजधानी (AI- तस्वीर)
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Mar 15, 2026,
  • Updated Mar 15, 2026, 5:23 PM IST

केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने शनिवार को झारखंड के किसानों और कृषि वैज्ञानिकों से रांची को देश की ‘मिलेट राजधानी’ बनाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि पिछले पांच सालों में मोटे अनाज (मिलेट) का उत्पादन और उपयोग तेजी से बढ़ा है, इसलिए इसे और बढ़ावा देने की जरूरत है. केंद्रीय मंत्री ने झारखंड की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के साथ मिलकर रांची स्थित बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (BAU) में तीन दिवसीय एग्रोटेक किसान मेले का उद्घाटन किया. इस मेले में किसानों को नई तकनीक और आधुनिक खेती की जानकारी दी जा रही है.

सेना की कैंटीन में मिलेट उत्पाद देने की योजना

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि केंद्र सरकार विश्वविद्यालय के साथ समझौता करना चाहती है, ताकि यहां विकसित रागी (मडुआ) के बिस्किट और मिलेट से बने अन्य उत्पाद देशभर की सैन्य कैंटीनों में उपलब्ध कराए जा सकें.

जैविक खेती को बढ़ावा दे रही सरकार

उन्होंने कहा कि झारखंड में जैविक खेती की काफी संभावनाएं हैं. रांची के टमाटर, पपीता, कटहल, मटर और शिमला मिर्च का स्वाद दूसरे राज्यों की तुलना में बेहतर माना जाता है. मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देश के 9.32 करोड़ किसानों को हर साल 6,000 रुपये की सहायता दी जा रही है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं.
इसके अलावा 60 साल से अधिक उम्र के किसानों को 3,000 रुपये मासिक पेंशन भी दी जा रही है और झारखंड के करीब 2.53 लाख किसान इसका लाभ ले रहे हैं.

राज्य सरकार की ‘मडुआ क्रांति योजना’

कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने बताया कि राज्य सरकार ने ‘मडुआ क्रांति योजना’ शुरू की है. इसके तहत मडुआ (फिंगर मिलेट) की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 3,000 रुपये का प्रोत्साहन दिया जाता है. उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और अनिश्चित बारिश के समय में किसानों को पारंपरिक खेती के अनुभव को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ना चाहिए, ताकि उत्पादन और आय दोनों बढ़ सकें.

प्रगतिशील किसानों को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले 14 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया. इस तीन दिवसीय मेले में कुल 135 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां किसानों को नई कृषि तकनीकों और उत्पादों की जानकारी दी जा रही है. (PTI)

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