
देश में कई किसान संगठन इस समय किसान इंडिया-यूएस ट्रेड डील का विरोध कर रहे हैं. इनमें से कई डेयरी और कृषि सेक्टर को डील से बाहर रखने की मांग कर रहे हैं तो कई इस डील से पूरी तरह पीछे हटने की मांग कर रहे हैं. इस बीच, व्यापार समझौते पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल का बयान सामने आया है. केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि जैसे ही अमेरिका भारत को प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले तरजीही दर देने की स्थिति में होगा, समझौते को अंतिम रूप देकर इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक कर दी जाएगी.
पीयूष गोयल नेशनल वर्कशॉप ‘लीवरेजिंंग FTA's आउटरीच प्रोग्राम’ को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि भारत जिन व्यापार समझौतों को पहले ही पूरा कर चुका है, उनसे देश के कारोबारियों और निर्यातकों के लिए बड़े अवसर खुल रहे हैं. सरकार आने वाले महीनों और वर्षों में कई अन्य देशों और व्यापारिक समूहों के साथ भी नए समझौते करने की दिशा में काम कर रही है. द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने से पहले भारत अमेरिकी बाजार में अपने प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर टैरिफ शर्तें चाहता है.
केंद्रीय मंत्री ने कनाडा, मैक्सिको और चिली समेत कई देशों के साथ व्यापार समझौतों की संभावनाओं का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि ब्राजील की अगुवाई वाले मर्कोसुर समूह, दक्षिणी अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ यानी SACU, दक्षिण अफ्रीका के नेतृत्व वाले देशों के समूह, छह सदस्यीय गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल यानी GCC और इजरायल भी भारत के संभावित व्यापारिक साझेदारों में शामिल हैं.
बता दें कि भारत और अमेरिका के बीच दोनों देशों के लिए लाभकारी BTA को लेकर लंबे समय से बातचीत चल रही है. जून में अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि राजदूत जैमीसन ग्रीर के नई दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ समझौते के प्रमुख मुद्दों की समीक्षा की थी.
दोनों देशों के बीच बातचीत में बाजार तक बेहतर पहुंच, डिजिटल व्यापार, सप्लाई चेन को मजबूत बनाने, गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करने और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग जैसे अहम मुद्दे शामिल रहे हैं. भारत और अमेरिका ने यह भी माना था कि दोनों पक्षों की बातचीत करने वाली टीमों ने समझौते की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है.
मंत्री ने कहा कि भारत और अमेरिका ऐसे व्यापार समझौते पर सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जो संतुलित होने के साथ व्यावसायिक रूप से भी महत्वपूर्ण हो. दोनों देशों का लक्ष्य है कि इस समझौते से कारोबारियों, किसानों, कामगारों और उपभोक्ताओं को ठोस लाभ मिल सके.
फरवरी में भारत और अमेरिका ने पारस्परिक और लाभकारी व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एक अंतरिम समझौते की रूपरेखा पर आगे बढ़ने की घोषणा की थी. इसके साथ ही दोनों देशों ने व्यापक BTA को लेकर बातचीत जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई थी.
जून में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि राजदूत जैमीसन ग्रीर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली आया था. इस दौरान केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ BTA के मुख्य बिंदुओं की समीक्षा की गई और अंतरिम व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई.
भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं. वर्ष 2025 में भारत का अमेरिका को वस्तुओं का निर्यात 103.82 अरब डॉलर रहा, जबकि अमेरिका से भारत का वस्तु आयात करीब 45.6 अरब डॉलर दर्ज किया गया. इस तरह दोनों देशों के बीच कुल वस्तु व्यापार 149.42 अरब डॉलर तक पहुंच गया.
वर्ष 2025 में भारत और अमेरिका के बीच सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार 92.23 अरब डॉलर दर्ज किया गया. भारत ने अमेरिका को 48.67 अरब डॉलर की सेवाओं का निर्यात किया, जबकि अमेरिका से 43.56 अरब डॉलर की सेवाओं का आयात किया गया. (एएनआई)