Cotton Import Duty: बांग्लादेश का टैरिफ बम! भारतीय कपास किसानों और सप्लायरों पर बड़ा खतरा

Cotton Import Duty: बांग्लादेश का टैरिफ बम! भारतीय कपास किसानों और सप्लायरों पर बड़ा खतरा

कपास इंपोर्ट ड्यूटी छूट खत्म होने से कीमतों में 5% से अधिक तेजी आई है. बांग्लादेश अगर भारतीय कॉटन यार्न पर 20% टैरिफ लगाता है तो किसानों और निर्यातकों को भारी नुकसान हो सकता है.

cotton msp cotton msp
क‍िसान तक
  • New Delhi ,
  • Jan 07, 2026,
  • Updated Jan 07, 2026, 6:33 PM IST

कच्चे कपास या कपास की कीमतों में 5 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि 31 दिसंबर को कपास के इंपोर्ट पर ड्यूटी में छूट खत्म हो गई है. हालांकि, यह बढ़ोतरी सीमित दायरे में रहने की संभावना है क्योंकि बांग्लादेश, जो भारतीय कॉटन यार्न यानी सूत का सबसे बड़ा खरीदार है, उसके इंपोर्ट पर टैरिफ लगाने पर विचार कर रहा है.

भारतीय यार्न पर बांग्लादेशी टैरिफ

अगर बांग्लादेश भारत के यार्न पर टैरिफ लगाता है तो किसानों को बड़ा नुकसान हो सकता है क्योंकि अमेरिका ने भारत पर टैरिफ लगाकर पहले ही परेशानी खड़ी की है. अभी पूरे बांग्लादेश में भारत के सस्ते कपास सूत की डंपिंग देखी जा रही है क्योंकि अमेरिका ने भारत के टेक्सटाइल्स पर भारी-भरकम टैरिफ लगाया है. उसके बाद भारत का कपास बड़ी मात्रा में बांग्लादेश जा रहा है जिससे डंपिंग की शिकायत आ रही है. इसे देखते हुए बांग्लादेश भारत के कपास यार्न पर इंपोर्ट ड्यूटी लगा सकता है.

बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बांग्लादेश अपने घरेलू यार्न उत्पादकों और किसानों की सुरक्षा के लिए यार्न इंपोर्ट पर ड्यूटी लगाने पर सक्रिय रूप से विचार कर रहा है. बांग्लादेश ट्रेड एंड टैरिफ कमीशन ने सोमवार को यार्न इंपोर्ट पर 20 प्रतिशत ड्यूटी लगाने पर चर्चा करने के लिए एक मीटिंग की, लेकिन अभी तक इस लेवी के बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.

बांग्लादेश को 30% यार्न का निर्यात

कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष अतुल गनात्रा ने कहा, "बांग्लादेश की ओर से यार्न इंपोर्ट पर ड्यूटी लगाने की संभावना है. अगर ड्यूटी लगाई जाती है, तो हमें लोकल यार्न बाजारों पर दबाव देखने को मिलेगा क्योंकि बांग्लादेश पिछले कुछ सालों से हमारा मुख्य यार्न खरीदार है. हम कुल तैयार यार्न का लगभग 30 प्रतिशत निर्यात करते हैं क्योंकि हमारी जरूरत हमारे कुल यार्न उत्पादन का केवल 70 प्रतिशत है."

बांग्लादेश पर अमेरिका की मार

जब अमेरिका ने भारतीय कपड़ों पर टैरिफ लगाया तो उसका सबसे बड़ा फायदा बांग्लादेश को मिलता दिखा क्योंकि इस पड़ोसी देश में भारत से बड़ी खेप सप्लाई होती है. खासकर, यार्न का निर्यात बड़े पैमाने पर होता है. इसका निर्यात बढ़ा, लेकिन अब विपरीत असर देखा जा रहा है. 

बांग्लादेशी टेक्सटाइल्स की शिकायत है कि भारत के यार्न लोकल मार्केट में डंप हो रहे हैं जिससे लोकल यार्न कंपनियों को नुकसान हो रहा है. अब इस नुकसान से बचने के लिए बांग्लादेश भारतीय यार्न पर इंपोर्ट टैरिफ लगाने पर विचार कर रहा है. अगर ऐसा होता है तो भारत को दोहरा झटका होगा क्योंकि अमेरिका पहले ही टैरिफ लगा चुका है.

37 फीसद का भारी-भरकम टैरिफ

भारत की तरह बांग्लादेश पर भी अमेरिका ने टैरिफ लगा रखा है. बांग्लादेशी गारमेंट एक्सपोर्ट पर अमेरिका ने 35 से 37 परसेंट तक टैक्स लगाया है ताकि बांग्लादेश दबाव में आकर सस्ते में तैयार कपड़े अमेरिका को बेच सके. अमेरिका बांग्लादेशी तैयार कपड़े का बड़ा खरीदार है, लेकिन टैरिफ लगने के बाद व्यापार में बड़ी गिरावट देखी जा रही है. 

किसानों और सप्लायरों को नुकसान

बांग्लादेश, भारत से कपास का यार्न बड़ी मात्रा में खरीदता है और उससे कपड़े तैयार कर निर्यात करता है. हालांकि बांग्लादेश में भारतीय यार्न के खिलाफ आवाज उठने लगी है जिसे देखते हुए बांग्लादेश ने भारत के कुछ यार्न इंपोर्ट पर बंदरगाह के रास्ते आयात पर रोक लगा दी है. घरेलू यार्न उत्पादकों को राहत देने के लिए यह कदम उठाया गया है, लेकिन इसका बड़ा नुकसान भारतीय सप्लायरों को है. भारत से तनावपूर्ण संबंधों के बीच बांग्लादेश ने ब्राजील, बेनिन और अमेरिका से यार्न खरीदना शुरू किया है. इससे भारतीय सप्लायर और किसानों को नुकसान की आशंका है.

MORE NEWS

Read more!