बिहार के दानापुर कैंटोनमेंट में बना देश का पहला सिंदूर पार्क, राज्‍यपाल सैयद अता हसनैन ने लगाया पौधा

बिहार के दानापुर कैंटोनमेंट में बना देश का पहला सिंदूर पार्क, राज्‍यपाल सैयद अता हसनैन ने लगाया पौधा

पटना के दानापुर आर्मी कैंटोनमेंट में देश के पहले सिंदूर पार्क की आधारशिला रखी गई. यहां करीब 350 सिंदूर (बिक्सा ओरेलाना) के पौधे लगाए गए. राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने कहा कि यह पार्क भारतीय सेना की वीरता, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण का प्रतीक बनेगा.

Sindoor Park Danapur CanttSindoor Park Danapur Cantt
अंक‍ित कुमार स‍िंह
  • Patna,
  • Jul 22, 2026,
  • Updated Jul 22, 2026, 7:35 AM IST

साल 2025 के मई महीने में भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ चलाया गया 'ऑपरेशन सिंदूर' की धमक  भारत की विश्व स्तर पर बढ़ती सैन्य ताकत, रणनीतिक समन्वय और आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति का एक बड़ा उदाहरण बना था. अब पटना के आर्मी कैंटोनमेंट दानापुर में विकसित किया जा रहा देश का पहला सिंदूर पार्क भारतीय सेना की वीरता, राष्ट्रभक्ति, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का एक अनूठा संगम बनने की ओर अग्रसर है.

इसकी आधारशिला मंगलवार को बिहार के राज्यपाल-सह-कुलाधिपति, बिहार, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन, बिहार कृषि विश्वविद्यालय(बीएयू), सबौर के कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह और झारखंड और बिहार सब एरिया (दानापुर कैंट) के वर्तमान जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) मेजर जनरल जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में संयुक्त रूप से सिंदूर के पौधे लगाकर रखी गई.

350 सिंदूर के पौधे लगाए गए

बता दें कि बीते दिनों बीएयू ने देश का पहला सिंदूर ग्राम के रूप में भागलपुर जिले के रामसी गांव को गोद लेकर इस अभियान की शुरुआत कर चुके हैं. जहां एक एकड़ भूमि में 7-8 महीने के 250 सीता सिंदूर पौधों का रोपण किया गया. वहीं, मंगलवार को आर्मी कैंटोनमेंट दानापुर में करीब 350 सिंदूर (बिक्सा ओरेलाना) के पौधों का रोपण कर 'सिंदूर पार्क' की आधारशिला रखी गई.

 

राज्‍यपाल ने कही ये बात

सिंदूर पार्क की आधारशिला कार्यक्रम के दौरान बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने कहा कि यह पार्क आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देगा कि सुरक्षा और प्रकृति का संरक्षण, दोनों समान रूप से राष्ट्र निर्माण के आधार हैं. साथ ही, यह भारतीय सेना और नागरिक समाज के बीच विश्वास, सहयोग और साझा उत्तरदायित्व का जीवंत प्रतीक है.

आगे उन्होंने बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर द्वारा प्राकृतिक सिंदूर के संरक्षण, अनुसंधान एवं व्यावसायीकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल आत्मनिर्भर भारत, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को नई दिशा देगी.

मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण प्रतीक है सिंदूर का लाल रंग: कुलपति

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने कहा कि यह देश का पहला सेना कैंटोनमेंट है, जहां सिंदूर पार्क की स्थापना की गई है. सिंदूर का लाल रंग केवल एक प्राकृतिक रंग नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण, अखंडता, प्रतिबद्धता, साहस और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिक जिस प्रकार राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सब कुछ समर्पित करते हैं, उस भावना को यह सिंदूर पार्क सदैव जीवंत रखेगा.

MORE NEWS

Read more!