
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर से पहली बार इराक के लिए 24 मीट्रिक टन फ्रोजन फ्रेंच फ्राइज की खेप निर्यात की गई है. इस निर्यात को भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत काम करने वाले कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) का सहयोग मिला है. वीरुन ग्लोबल ट्रेड प्राइवेट लिमिटेड ने इस खेप का निर्यात किया. इसे राज्य से वैल्यूएडेड कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
निर्यातक कंपनी ने कहा कि बेहतर क्वालिटी वाले उत्पादों के दम पर इराक समेत दूसरे अंतरराष्ट्रीय बाजारों से भी लगातार ऑर्डर मिलने की संभावना है. कंपनी का मानना है कि इससे लंबे समय तक व्यापारिक संबंध मजबूत होंगे और उत्तराखंड से प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात के नए अवसर खुलेंगे.
एपीडा ने निर्यातक कंपनी को अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों और प्रदर्शिनियों में भाग लेने में भी मदद की है. सियाल, गल्फूड, इंडसफूड और वर्ल्ड फूड इंडिया जैसे बड़े आयोजनों में भागीदारी के जरिए कंपनी को विदेशी खरीदारों से जुड़ने और नए बाजार तलाशने का मौका मिला. इससे भारतीय प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की वैश्विक पहचान मजबूत करने में भी सहायता मिली है.
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत ने 7.26 लाख मीट्रिक टन से अधिक प्रोसेस्ड सब्जियों का निर्यात किया, जिसकी कुल कीमत 932.25 मिलियन डॉलर रही. इनमें वैल्यूएडेड आलू उत्पादों का निर्यात 2.77 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा रहा, जिसका मूल्य 289.40 मिलियन डॉलर दर्ज किया गया. पूरे साल में प्रोसेस्ड फल और सब्जियों का योगदान एपीडा के कुल निर्धारित निर्यात का करीब 10 प्रतिशत रहा.
एपीडा के अध्यक्ष अभिषेक देव ने कहा कि उत्तराखंड जैसे भू-आबद्ध राज्यों के निर्यातकों के लिए परिवहन लागत बड़ी चुनौती बनी हुई है. उन्होंने बताया कि एपीडा राज्य सरकार के साथ मिलकर कृषि निर्यात नीति के निर्माण और उसे प्रभावी ढंग से लागू करने पर काम कर रहा है. इसका उद्देश्य परिवहन सहायता सहित ऐसी व्यवस्थाएं विकसित करना है, जिससे निर्यातकों की लागत कम हो और उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक बेहतर पहुंच मिल सके.
प्रोसेस्ड फूड इंडस्ट्री के विस्तार से उत्तराखंड में किसानों के लिए बेहतर बाजार तैयार हो रहे हैं. इससे क्वालिटी वाले कृषि उत्पादों की मांग बढ़ेगी, लोकल लेवल पर वैल्यूएडिशन को बढ़ावा मिलेगा और किसान निर्यात आधारित सप्लाई चेन से जुड़ सकेंगे. इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ राज्य के प्रोसेस्ड फूड एक्सपोर्ट को भी नई गति मिलने की उम्मीद है.
एपीडा ने कहा कि वह राज्य सरकारों, किसान उत्पादक संगठनों (FPO), निर्यातकों, प्राेसेसिंग यूनिट और अन्य संबंधित पक्षों के साथ मिलकर एक्सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने, नए वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने और भारत से मूल्यवर्धित कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने के लिए लगातार काम करता रहेगा.