
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कृषि विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान गढ़वा जिले के भवनाथपुर प्रखंड स्थित बनसानी (कछरवा) की समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना सह कृषि पाठशाला की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा की. उन्होंने यहां चल रही आधुनिक खेती, नर्सरी, बागवानी और किसानों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी ली. मुख्यमंत्री ने परियोजना के कार्यों की सराहना करते हुए किसानों की आय बढ़ाने के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया.
कृषि पाठशाला के प्रोजेक्ट मैनेजर डॉ. प्रदीप कुमार सैनी ने मुख्यमंत्री को बताया कि 25 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक तकनीक से खेती की जा रही है. इस साल यहां 84 टन तरबूज का उत्पादन हुआ, जिसे कोलकाता समेत अन्य बाजारों में भेजा गया. इसके अलावा शिमला मिर्च, गोभी, बैंगन, लौकी और भिंडी की नर्सरी तैयार की जा रही है. खेतों में इन फसलों की व्यावसायिक खेती की तैयारी भी जारी है.
परियोजना के तहत करीब साढ़े सात एकड़ क्षेत्र में आम, नींबू, संतरा, कटहल, अमरूद और आंवला जैसे फलदार पौधे लगाए गए हैं. इन पौधों की नियमित देखभाल की जा रही है, ताकि आने वाले वर्षों में किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत मिल सके. परियोजना का उद्देश्य आधुनिक और वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देकर किसानों की आमदनी बढ़ाना है.
बनसानी कृषि पाठशाला से आसपास के सात गांवों के किसान सीधे जुड़े हुए हैं. यहां किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. साथ ही सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ भी उपलब्ध कराया जा रहा है.
किसानों का कहना है कि वे यहां काम करने के साथ-साथ खेती के नए तरीके सीख रहे हैं, जिससे भविष्य में बेहतर उत्पादन की उम्मीद बढ़ी है. कृषि पाठशाला में मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण भी शुरू किया जा रहा है.
गढ़वा के उपायुक्त पी.एन. मिश्रा ने बताया कि जिले में तीन कृषि पाठशालाएं संचालित की जा रही हैं और 21 गांवों को कृषि विलेज के रूप में विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं इन परियोजनाओं की नियमित समीक्षा कर रहे हैं और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर दे रहे हैं. प्रशासन का लक्ष्य आधुनिक खेती, प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के जरिए किसानों की आय और उत्पादन दोनों में वृद्धि करना है. (चंदन कुमार कश्यप की रिपोर्ट)