
बिहार में धान की खेती करीब पूरी हो चुकी है. बिहार सरकार के आंकड़ों की बात करें तो अभी भी लक्ष्य से करीब 3 फीसदी कम बिहार में धान की रोपनी हुई है. हालांकि, अब 97 फीसदी धान की रोपनी पूरी होने के बाद राज्य में किसानों द्वारा उर्वरकों की मांग तेजी से बढ़ रही है. वहीं, दूसरी ओर राज्य के किसानों को उर्वरक समय पर मिले, इसको लेकर बिहार सरकार की ओर से उर्वरकों की कालाबाजारी को रोकने के लिए टोल फ्री नंबर और व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया गया है, जिसको लेकर कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि अगर किसानों को उर्वरक लेने में किसी तरह की दिक्कत या शिकायत आ रही है तो वह टोल फ्री नंबर और व्हाट्सएप नंबर के जरिए शिकायत कर सकते हैं.
कृषि मंत्री ने बताया कि किसान अपनी समस्या या शिकायत किसान हेल्पलाइन सेंटर के माध्यम से और विभाग द्वारा हेल्पलाइन नंबर 1800-180-1551 पर फोन करके भी कर सकते हैं. वहीं व्हाट्सएप नंबर 7766085888 भी जारी किया गया है, जिस पर किसान अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं. इसके अलावा जिला कृषि पदाधिकारी, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी और प्रखंड कृषि पदाधिकारी से भी शिकायत कर सकते हैं. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि दुकानों पर खाद की उपलब्धता और कीमतों की निरंतर जांच की जाए, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े.
मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट करते हुए कहा कि हाल के दिनों में फार्मर आईडी (Farmer ID) के आधार पर खाद की आपूर्ति में कटौती किए जाने की बातें सामने आ रही हैं, जो पूरी तरह निराधार और भ्रामक हैं. किसानों के उर्वरकों में कटौती की कोई व्यवस्था लागू नहीं है और सरकार किसानों के हित में हमेशा पूरी दृढ़ता के साथ खड़ी है. वहीं, उन्होंने कहा कि राज्य में कहीं भी खाद की कोई कमी नहीं है. सरकार किसानों को निर्धारित दाम पर समय से खाद उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें.
कृषि मंत्री ने उर्वरकों की कालाबाजारी को रोकने के लिए और तय कीमत से अधिक दाम पर उर्वरक बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ शिकायत करने को लेकर किसानों से महत्वपूर्ण बातों पर अपील करते हुए कहा कि उर्वरक खरीदते समय सभी किसान विक्रेता से आधिकारिक रसीद जरूर प्राप्त करें. यदि कोई विक्रेता निर्धारित कीमत से अधिक राशि मांगता है या कालाबाजारी में लिप्त पाया जाता है, तो इसकी शिकायत तुरंत संबंधित जिला कृषि पदाधिकारी, जिला प्रशासन या राज्य मुख्यालय स्तर पर करें. साथ ही किसान अपनी समस्या या शिकायत किसान हेल्पलाइन सेंटर के माध्यम से और विभाग द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर और व्हाट्सएप नंबर पर दर्ज करा सकते हैं.