देश में पहली बार स्‍वदेशी Non-GMO पॉपकॉर्न मक्का बीज लॉन्‍च, उप राष्ट्रपति ने कही ये बात

देश में पहली बार स्‍वदेशी Non-GMO पॉपकॉर्न मक्का बीज लॉन्‍च, उप राष्ट्रपति ने कही ये बात

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और आंध्र प्रदेश के सीएम एन चंद्रबाबू नायडू ने एलुरु में नॉन-जीएमओ पॉपकॉर्न मक्का के हाइब्रिड बीज लॉन्च किए. राधाकृष्णन ने कहा कि भारत खाद्य जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर नहीं रह सकता और कृषि को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी.

Non GMO Popcorn Maize Seeds LaunchNon GMO Popcorn Maize Seeds Launch
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Aug 24, 2026,
  • Updated Aug 24, 2026, 7:01 PM IST

उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को एलुरु जिले में देश के पहले नॉन-जीएमओ पॉपकॉर्न मक्का के हाइब्रिड बीज लॉन्च किए. इस मौके पर राधाकृष्णन ने कहा कि 140 करोड़ की आबादी वाले भारत के लिए खाद्य जरूरतों को पूरा करने के लिए आयात पर निर्भर रहना संभव नहीं है. उन्होंने कृषि को देश की सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही. उप राष्‍ट्रपति और सीएम नायडू ने मुसुनुरु गांव में एक निजी कंपनी से जुड़े प्लांट में नॉन-जीएमओ पॉपकॉर्न मक्का हाइब्रिड बीज का अनावरण किया. दोनों नेताओं ने पॉपकॉर्न प्रोसेसिंग से जुड़ी मशीनरी का निरीक्षण किया और तैयार उत्पाद का स्वाद भी लिया.

कृषि को मिलेगी सर्वोच्च प्राथमिकता

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप राष्‍ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि भारत की आबादी करीब 140 करोड़ है. ऐसे में देश अपनी खाद्य जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर नहीं रह सकता. उन्होंने कहा कि कृषि से जुड़े हितों का ध्यान रखा जाएगा और खेती को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलेगी.

उप राष्ट्रपति ने कहा कि कृषि क्षेत्र में नए नवाचार और आधुनिक तकनीकों को अपनाने से देश में खेती अधिक समृद्ध हो सकती है. उन्होंने उम्मीद जताई कि आज बोया गया बीज भविष्य में भारत को अधिक मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित बनाने में योगदान देगा.

दक्षिण भारत की नदियों को जोड़ने की योजना का समर्थन

राधाकृष्णन ने मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की महानदी से कावेरी तक दक्षिण भारत की नदियों को जोड़ने की योजना का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि इस योजना को पूरा होने में कुछ समय लग सकता है, लेकिन यह जल्द ही वास्तविकता बनेगी. उन्होंने सभी जिलों तक सिंचाई सुविधाएं पहुंचाने की प्रतिबद्धता भी जताई.

कृषि को आर्थिक शक्ति मानती है सरकार

वहीं, सीएम एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि केंद्र और राज्य की एनडीए सरकारें कृषि को आर्थिक शक्ति और किसानों को उद्यमी के रूप में देखती हैं. उन्होंने कहा कि किसानों की उपज में वैल्यू एडिशन कर उसे निर्यात के लिए तैयार करना सरकार का उद्देश्य है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्दी, मक्का और मिर्च के साथ एक्वाकल्चर से जुड़े उत्पादों को भी वैश्विक बाजार तक पहुंचाया जाना चाहिए. उन्होंने किसानों को फूड प्रोसेसिंग पर ध्यान देने की सलाह दी. उपज की प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और ब्रांडिंग से किसानों को ज्‍यादा फायदा मिल सकता है.

राज्य में सिर्फ 10 फीसदी कृषि उपज की प्रोसेसिंग

सीएम ने कहा कि आंध्र प्रदेश में फिलहाल कृषि उत्पादन का केवल 10 फीसदी हिस्सा ही प्रोसेस किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कृषि उपज की प्रोसेसिंग जितनी ज्‍यादा होगी, किसानों की आय बढ़ने की संभावना उतनी ही ज्यादा होगी.

मुख्यमंत्री ने अगले 30 से 40 वर्षों के लिए लंबी अवधि की फसल योजना तैयार करने की बात कही. उन्होंने रायालसीमा को हॉर्टिकल्चर हब के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना का जिक्र किया. नायडू ने बताया कि रायालसीमा में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र से 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है.

35 हजार करोड़ से पूरी होंगी 36 सिंचाई परियोजनाएं

नायडू ने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर 36 सिंचाई परियोजनाएं पूरी की जाएंगी. इन परियोजनाओं पर 35,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करना है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि अल नीनो के प्रभाव को कम करने के लिए गोदावरी नदी का पानी कृष्णा डेल्टा की ओर मोड़ा गया है. उन्होंने कहा कि चिंतलापुडी परियोजना के पूरा होने से एलुरु क्षेत्र में बड़ा बदलाव आएगा.

वैकल्पिक फसलों को अपनाने की सलाह

नायडू ने कहा कि अल नीनो के प्रभाव को देखते हुए उनकी सरकार ने वैकल्पिक फसलों की ओर बढ़ने की पहल की है. उन्होंने किसानों से इस बदलाव का लाभ उठाने की अपील की. मुख्यमंत्री ने गोदावरी और कृष्णा के साथ तुंगभद्रा, पेन्ना और कावेरी जैसी प्रमुख नदियों को जोड़ने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई. उन्होंने कहा कि इससे देश में उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकेगा. (पीटीआई)

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