
कर्नाटक के गन्ना किसानों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. अब गन्ने की फसल में अलग-अलग पोषक तत्वों की जरूरत को पूरा करने के लिए Paradeep Phosphates Limited (PPL) ने एक नई खाद लॉन्च की है. कंपनी ने Jai Kisaan Navratna Cropfit नाम से यह खास खाद बाजार में किसानों के लिए लॉंच की है. इसे खास तौर पर कर्नाटक में गन्ने की खेती को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. कंपनी का कहना है कि यह खाद गन्ने की फसल को शुरुआती दौर में जरूरी पोषण देने में मदद करेगी. इसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश के साथ सल्फर, जिंक, बोरॉन और आयरन भी शामिल हैं. यानी एक ही खाद में गन्ने के लिए जरूरी कई पोषक तत्व मिलेंगे.
गन्ना ऐसी फसल है, जिसे तैयार होने में काफी समय लगता है. इस दौरान पौधे को लगातार पोषक तत्वों की जरूरत होती है. अगर किसान सिर्फ एक-दो तरह की खाद पर ज्यादा निर्भर रहते हैं, तो मिट्टी में दूसरे जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो सकती है. इसका असर गन्ने की बढ़वार और उत्पादन पर पड़ सकता है. इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए PPL ने यह नई खाद तैयार की है. कंपनी के मुताबिक, इसका मकसद गन्ने को सही समय पर सही पोषण देना है.
Jai Kisaan Navratna Cropfit में NPK का अनुपात 14:14:13 है. इसके अलावा इसमें 4% सल्फर, 1% जिंक, 0.1% बोरॉन और 1% आयरन भी मौजूद है. कंपनी के अनुसार, इसे गन्ने की फसल में बेसल डोज के रूप में इस्तेमाल करने के लिए बनाया गया है. आसान भाषा में कहें तो गन्ने की खेती की शुरुआत में इसे खेत में दिया जा सकता है. एक ही खाद में कई पोषक तत्व होने से किसानों को शुरुआती अवस्था में फसल को संतुलित पोषण देने में मदद मिल सकती है.
गन्ने की खेती में शुरुआती समय काफी अहम होता है. इसी दौरान पौधे की जड़ें मजबूत होती हैं और पौधे की अच्छी बढ़वार शुरू होती है. अगर इस समय फसल को जरूरी पोषक तत्व मिल जाएं तो आगे की फसल के लिए अच्छी नींव तैयार हो सकती है. PPL का कहना है कि Cropfit को इसी जरूरत को ध्यान में रखकर बनाया गया है. इसके इस्तेमाल से गन्ने के पौधों की अच्छी बढ़वार और पोषक तत्वों के बेहतर इस्तेमाल में मदद मिलने की उम्मीद है.
कंपनी के फील्ड ट्रायल और मूल्यांकन के मुताबिक, संतुलित पोषण से गन्ने की फसल की सेहत और बढ़वार बेहतर हो सकती है. इससे सही परिस्थितियों में गन्ने की पैदावार बढ़ाने और चीनी की रिकवरी बेहतर करने में भी मदद मिल सकती है. हालांकि, गन्ने की पैदावार सिर्फ खाद पर निर्भर नहीं करती. मिट्टी की गुणवत्ता, पानी, मौसम, बीज की किस्म और कीट-रोग नियंत्रण जैसे कई दूसरे कारण भी फसल के उत्पादन को प्रभावित करते हैं.
Jai Kisaan Navratna Cropfit को कर्नाटक के गन्ना उत्पादक इलाकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. कंपनी के मुताबिक, यह खाद राज्य के कई प्रमुख गन्ना उत्पादक जिलों के लिए FCO-अनुमोदित है. इन जिलों में बागलकोट, बेलगावी, बल्लारी, बीदर, चामराजनगर, गडग, कलबुर्गी, कोप्पल, मंड्या, मैसूरु, विजयपुरा, यादगीर और विजयनगर शामिल हैं. इन इलाकों में गन्ने की खेती बड़ी संख्या में किसान करते हैं. ऐसे में कंपनी को उम्मीद है कि यह उत्पाद किसानों के लिए उपयोगी साबित होगा.
PPL सिर्फ उत्पाद बेचने तक सीमित नहीं रहना चाहती. कंपनी किसानों को इसके सही इस्तेमाल की जानकारी देने पर भी जोर देगी. इसके लिए किसान जागरूकता कार्यक्रम, खेतों में प्रदर्शन और कृषि संबंधी सलाह दी जाएगी. कंपनी का कहना है कि किसानों के लिए यह समझना जरूरी है कि फसल में ज्यादा खाद डालना ही हमेशा ज्यादा उत्पादन की गारंटी नहीं देता. फसल को जितनी जरूरत है, उतनी मात्रा में सही पोषक तत्व और सही समय पर देना ज्यादा जरूरी है.
PPL के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO सुरेश कृष्णन ने कहा कि कंपनी अब केवल खाद उपलब्ध कराने के बजाय फसल की जरूरत के हिसाब से समाधान देने पर ध्यान दे रही है. उन्होंने कहा कि गन्ने जैसी फसल के लिए संतुलित पोषण बेहद जरूरी है और कंपनी किसानों तक ऐसी तकनीक और उत्पाद पहुंचाना चाहती है, जो उनकी खेती को बेहतर बनाने में मदद करें. वहीं, कंपनी के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर और COO राजीव नांबियार ने कहा कि Cropfit में प्रमुख पोषक तत्वों के साथ सल्फर, जिंक, बोरॉन और आयरन को भी शामिल किया गया है. इससे गन्ने की शुरुआती फसल को एक साथ कई जरूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं.
किसानों के लिए यह समझना भी जरूरी है कि किसी भी खाद का इस्तेमाल अपनी मिट्टी की जरूरत के हिसाब से करना चाहिए. मिट्टी की जांच से यह पता चल सकता है कि खेत में किस पोषक तत्व की कमी है. इसके बाद कृषि विशेषज्ञ की सलाह से सही खाद और उसकी मात्रा तय की जा सकती है. PPL का यह नया उत्पाद गन्ने की खेती में संतुलित पोषण को बढ़ावा देने की कोशिश है. कंपनी का कहना है कि बेहतर पोषण प्रबंधन से न केवल फसल की उत्पादकता में मदद मिल सकती है, बल्कि मिट्टी की सेहत को बनाए रखने में भी योगदान दिया जा सकता है.
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