किसानों को महंगी खाद बेचने वालों की खैर नहीं! कृषि मंत्री का 15 दिन का अल्टीमेटम

किसानों को महंगी खाद बेचने वालों की खैर नहीं! कृषि मंत्री का 15 दिन का अल्टीमेटम

उर्वरक की कालाबाजारी और किसानों को खाद के साथ दूसरे उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर करने के मामलों पर कृषि मंत्री ने सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने व्यवस्था सुधारने के लिए 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है. साथ ही चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों और दुकानदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

देश में खाद का पर्याप्त भंडारदेश में खाद का पर्याप्त भंडार
अंक‍ित कुमार स‍िंह
  • Patna,
  • Aug 20, 2026,
  • Updated Aug 20, 2026, 9:18 AM IST

बिहार में एक ओर जहां खरीफ सीजन की खेती पूरी होने के साथ ही किसान उर्वरकों के लिए दुकानों के चक्कर लगा रहे हैं. वहीं, सरकार की ओर से तय कीमत से अधिक दाम पर खाद मिलने को लेकर किसानों के बीच सरकार के खिलाफ असंतोष बढ़ रहा है. इन तमाम परिस्थितियों को देखते हुए कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बुधवार को उर्वरक कंपनियों, एजेंसियों, होलसेलरों, रिटेलरों और संबंधित विभागीय पदाधिकारियों के साथ बैठक की. सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि अगले 15 दिनों में व्यवस्था में सुधार कर लें और सभी अव्यस्था को दूर कर लें. अन्यथा इसके बाद गड़बड़ी पाए जाने पर दोषी विक्रेताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी.

उर्वरक कंपनी बिहार में होंगी ब्लैकलिस्ट!

कृषि मंत्री ने साफ कहा है कि अब उर्वरक कंपनियां टैगिंग के नाम पर किसानों या दुकानदारों पर कोई दूसरा उत्पाद खरीदने का दबाव नहीं बना सकेंगी. लाइसेंस में दर्ज उर्वरकों के अलावा जिंक, जाइम या किसी अन्य टैग्ड प्रोडक्ट को जबरन बेचने की अनुमति नहीं होगी. अगर कोई कंपनी टैगिंग के जरिए अपना उत्पाद बेचने के लिए होलसेलर या रिटेलर को मजबूर करती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और कंपनी को ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है.

कृषि मंत्री ने किसानों से भी अपील की कि अगर कोई दुकानदार सरकारी तय कीमत से ज्यादा दाम पर खाद बेचता है या खाद के साथ कोई दूसरा कृषि उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर करता है, तो इसकी शिकायत संबंधित विभाग में करें. शिकायत करने वाले किसान की पहचान गुप्त रखी जाएगी.

राज्य में उर्वरकों की नहीं है कमी

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि हाल के समय में किसी भी तरह के उर्वरक की कमी नहीं है. किसानों को समय पर खाद मिले, इसके लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है. उन्होंने बताया कि 19 अगस्त तक राज्य में यूरिया की आवश्यकता 6,73,387 मीट्रिक टन है, जबकि वर्तमान में 7,32,987 मीट्रिक टन उपलब्ध है. इसी प्रकार डीएपी की आवश्यकता 1,84,000 मीट्रिक टन के विरुद्ध 1,25,000 मीट्रिक टन उपलब्ध है .एनपीके का 1,59,000 मीट्रिक टन भंडार उपलब्ध है और इसके विकल्प के रूप में एमओपी भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. एसएसपी की 85,807 मीट्रिक टन मांग के विरुद्ध 74,335 मीट्रिक टन उपलब्ध है.

खाद विक्रेता को भी मिल सकता है ये लाइसेंस

उर्वरक कंपनियों, एजेंसियों, होलसेलरों और रिटेलरों के साथ बैठक के दौरान उन्होंने एक अहम निर्णय लेते हुए बताया कि अब रिटेलर उर्वरक विक्रेताओं को होलसेलर और होलसेलरों को रिटेलर का लाइसेंस देने की व्यवस्था की जाएगी. इससे खाद की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी और किसानों को निर्धारित दाम पर खाद आसानी से उपलब्ध हो सकेगा. उर्वरक कंपनियों से अच्छे और सक्रिय विक्रेताओं की सूची उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि लाइसेंस से संबंधित प्रक्रिया में उन्हें प्राथमिकता दी जा सके.

MORE NEWS

Read more!