
खरीफ फसलों की आगामी बोनी को देखते हुए प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर है. कृषि विभाग ने किसानों को आश्वस्त किया है कि जिले में यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी और सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) सहित सभी प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है. किसानों को खाद की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रशासन लगातार निगरानी और वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाए हुए है.
उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मोरिस नाथ ने बताया कि प्रदेश सहित जिले में खरीफ सीजन की तैयारियों के तहत उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया गया है.वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत सरकार द्वारा उर्वरकों की आपूर्ति निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार लगातार सुनिश्चित की जा रही है.
उप संचालक किसान कल्याण ने बताया कि जिले में अब तक 13 हजार 896 मैट्रिक टन यूरिया, 1 हजार 673 मैट्रिक टन डीएपी, 5 हजार 639 मैट्रिक टन एनपीकेएस, 504 मैट्रिक टन एमओपी तथा 12 हजार 670 मैट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) का सुरक्षित भंडारण किया जा चुका है.इन उर्वरकों का वितरण भी लगातार जारी है.
वर्तमान में जिले में 5 हजार 576 मैट्रिक टन यूरिया, 5 हजार 492 मैट्रिक टन डीएपी एवं एनपीके, 321 मैट्रिक टन एमओपी तथा 10 हजार 620 मैट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध है.
कृषि विभाग के अनुसार नरसिंहपुर रैक प्वाइंट पर 20 और 21 मई को इफको से क्रमशः 3 हजार 168 और 3 हजार 201 मैट्रिक टन यूरिया प्राप्त हुआ. इसके अलावा 28 मई को 1 हजार 341 मैट्रिक टन एनएफएल यूरिया भी जिले को मिला है.प्राप्त उर्वरकों का भंडारण सहकारी समितियों, डबल लॉक केंद्रों तथा निजी विक्रेताओं के माध्यम से किया जा रहा है.
जिले में उर्वरकों की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य है और किसानों को लगातार खाद उपलब्ध कराई जा रही है. खरीफ सीजन की बढ़ती मांग को देखते हुए भंडारण और वितरण व्यवस्था की निरंतर निगरानी की जा रही है. किसान विभिन्न सोसायटियों, मार्कफेड डबल लॉक केंद्रों तथा निजी विक्रेताओं के यहां उपलब्ध खाद की जानकारी ई-विकास पोर्टल पर ऑनलाइन देख सकते हैं.
ई-विकास प्रणाली (ई-टोकन उर्वरक वितरण) किसानों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है.एक अप्रैल 2026 से 29 मई 2026 तक जिले के 27 हजार 488 किसानों ने पंजीयन कराकर ई-टोकन के माध्यम से उर्वरकों की खरीद की है. जिले की सेवा सहकारी समितियों, मार्कफेड गोदामों और विभिन्न निजी उर्वरक विक्रेताओं के यहां पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है.
मोरिस नाथ ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी आवश्यकता के अनुसार ई-विकास पोर्टल के माध्यम से खाद की ऑनलाइन बुकिंग कर अपनी पसंद की सोसायटी या दुकान से उर्वरक प्राप्त करें.इस पारदर्शी व्यवस्था में राजस्व पट्टाधारी, वन पट्टाधारी, सिकमी किसान, वृद्ध एवं दिव्यांग किसान, मृतक किसानों के परिजन तथा धार्मिक संस्थाओं और ट्रस्टों को भी खाद उपलब्ध कराने की विशेष सुविधा दी गई है.
उप संचालक किसान कल्याण ने बताया कि किसान खरीफ फसलों के लिए अनुशंसित यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी और पोटाश की पूरी मात्रा एक साथ प्राप्त कर सकते हैं. आवश्यकता पड़ने पर निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए दोबारा भी उर्वरक बुक किया जा सकता है.
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में खाद का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और किसानों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है.प्रशासन की इस व्यवस्था से किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध होगा और खरीफ फसलों की बोनी का कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सकेगा.