
गुना जिले की बमोरी विधानसभा क्षेत्र के गांव बागेरी में खाद लेने पहुंची आदिवासी महिला भूरिया बाई की मौत हो गई थी, जिसके बाद परिजनों को मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए भी सिस्टम की बेरुखी का शिकार होना पड़ा. मामले ने जब तूल पकड़ा तो आनन फानन में सरकारी कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया. ऐसे में डैमेज कंट्रोल करने के लिए खुद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया महिला के घर पहुंचे और परिजनों को अपने हाथों से मृत्यु प्रमाण पत्र सौंपा.
खाद के लिए संघर्ष करते हुए महिला भूरिया बाई की मृत्यु के बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचे थे. सिंधिया ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि आज मैंने अपने परिवार का एक सदस्य खो दिया है. केन्द्रीय मंत्री ने पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से 2 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई और अपने हाथों से परिजन को मृत्यु प्रमाण पत्र दिया.
सिंधिया ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परिवार को आगे कोई प्रशासनिक परेशानी न हो और सभी सहायता समय पर मिले. उन्होंने विश्वास दिलाया कि भविष्य में किसी किसान को ऐसी असुविधा न झेलनी पड़े, इसके लिए खाद वितरण व्यवस्था को बिल्कुल दुरुस्त किया जा रहा है और वे स्वयं इसकी निगरानी कर रहे हैं. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मेरे अन्नदाताओं की सुरक्षा और सम्मान मेरी प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
भूरियाबाई यूरिया लेने बागेरी खाद वितरण केंद्र पर पहुंची थी, लेकिन उस दिन खाद नहीं मिल पाई तो वह बुधवार को भी लाइन में लगी रहीं. लेकिन बुधवार को भी खाद न मिल पाने के कारण भूरियाबाई रात में केंद्र के बाहर कड़ाके की सर्दी में सो गई. स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद महिला को अस्पताल भेजने के लिए एंबुलेंस को कॉल किया गया, लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची. तभी एक किसान ने अपने निजी वाहन में महिला को बमोरी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया,लेकिन महिला की तबीयत ज्यादा बिगड़ने के कारण उन्हें गुना रेफर कर दिया गया. लेकिन, आदिवासी महिला की मौत हो गई.
दरअसल, इन दिनों रबी सीजन की बुवाई पीक पर है और किसानों को खाद की बहुत जरूरत है. लेकिन, गोदाम पर पर्याप्त खाद उपलब्ध न होना और वितरण व्यवस्था ठीक न होने के कारण दिन में ही नहीं रात में भी वितरण केंद्र पर रात्रि जागरण करना पड़ रहा है. यह स्थिति जिला मुख्यालय के नानाखेड़ी कृषि उपज मंडी के डबल लॉक गोदाम के अलावा बमोरी के बागेरी केंद्र पर है. सबसे ज्यादा विवाद की स्थिति बागेरी गोदाम पर सामने आई है. जानकारी के अनुसार, यहां 274 रुपये का बैग ब्लैक में 400 रुपए तक बेचा जा रहा है.