खाद की आस में गई महिला की जान, अब परिवार को नहीं मिल रहा मृत्‍यु प्रमाण पत्र

खाद की आस में गई महिला की जान, अब परिवार को नहीं मिल रहा मृत्‍यु प्रमाण पत्र

गुना जिले की गांव बागेरी में खाद लेने पहुंची आदिवासी महिला भूरिया बाई की मौत हो गई थी. मौत के बाद अब उसके परिजन पंचायत, नगर पालिका और जिला अस्पताल के चक्कर काटने को मजबूर हैं.

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खाद की आस में गई महिला की जान, अब परिवार को नहीं मिल रहा मृत्‍यु प्रमाण पत्रखाद की आस में गई महिला की जान

गुना जिले की बमोरी विधानसभा क्षेत्र के गांव बागेरी में खाद लेने पहुंची आदिवासी महिला भूरिया बाई की मौत हो गई थी. आदिवासी महिला की मौत के बाद हड़कंप मच गया था, लेकिन महिला की मौत होने के बाद भी जिला प्रशासन ने सबक नहीं लिया. मौत के बाद अब उसके परिजन पंचायत, नगर पालिका और जिला अस्पताल के चक्कर काटने को मजबूर हैं. दरअसल, महिला का मृत्यु प्रमाण पत्र पाने के लिए परिजनों को युद्ध स्तर पर संघर्ष करना पड़ा. बता दें कि भूरियाबाई यूरिया लेने बागेरी खाद वितरण केंद्र पर पहुंची थी, लेकिन उस दिन खाद नहीं मिल पाई तो वह बुधवार को भी लाइन में लगी रहीं. लेकिन बुधवार को भी खाद न मिल पाने के कारण भूरियाबाई रात में केंद्र के बाहर कड़ाके की सर्दी में सो गई, जिसके बाद उनकी मौत हो गई.

परिवार को नहीं मिल रहा मृत्‍यु प्रमाण पत्र

अंतिम संस्कार करने के बाद जब भूरिया बाई का भतीजा हरनाम सिंह जिला अस्पताल में मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने गया तो कार्यालय में मौजूद क्लर्क महेंद्र सिंह जाटव ने अभद्रता की. क्लर्क ने दुत्कारते हुए कहा कि "मौत मंडी में हुई है यहां क्या लेने आया है"...यही स्थिति नगर पालिका और पंचायत में भी हुई. किसी ने भी मृत्यु प्रमाण पत्र देने की कोशिश नहीं की. परिजन दिन भर भटकते रहे और फिर गांव वापस लौट गए.

परिजनों को चुप रहने की दी गई नसीहत

ये हालात उस वक्त के हैं जब केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने लोकसभा क्षेत्र गुना के दौरे पर थे. सिस्टम की इस बदरंग तस्वीर ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल कर रख दी है. बताया जा रहा है कि परिजनों को चुप रहने की नसीहत भी दी गई है. कहा गया है कि इस मामले को ज्यादा उछाला तो अच्छा नहीं होगा.

क्लर्क पर किया गया तत्काल कार्रवाई

हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए क्लर्क महेंद्र सिंह जाटव को निलंबित कर दिया है. अस्पताल प्रबंधन ने पत्र जारी करते हुए बताया कि जन्म मृत्यु शाखा के क्लर्क महेंद्र सिंह जाटव द्वारा अभद्र भाषा का उपयोग किया गया. लापरवाही अनुशासनहीनता के चलते मप्र सिविल सेवा अधिनियम 1966 के नियम 9 के तहत महेंद्र सिंह जाटव को निलंबित किया जाता है.

कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए बताया कि मृतक महिला के परिजनों को डराया धमकाया जा रहा है कि इस मामले को ज्यादा न उछाला जाए.
वहीं, खाद के लिए महिला की जान जाने के बाद कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने खाद वितरण केंद्रों का निरीक्षण किया और काउंटर की संख्या 15 से बढ़ाकर 33 कर दी. किसानों को पांच के बदले अब दस बैग खाद दी जाएगी.

जिले में खाद की हो रही कालाबाजारी

दरअसल, इन दिनों रबी सीजन की बुवाई पीक पर है और किसानों को खाद की बहुत जरूरत है. लेकिन, गोदाम पर पर्याप्त खाद उपलब्ध न होना और वितरण व्यवस्था ठीक न होने के कारण दिन में ही नहीं रात में भी वितरण केंद्र पर रात्रि जागरण करना पड़ रहा है. यह स्थिति जिला मुख्यालय के नानाखेड़ी कृषि उपज मंडी के डबल लॉक गोदाम के अलावा बमोरी के बागेरी केंद्र पर है. सबसे ज्यादा विवाद की स्थिति बागेरी गोदाम पर सामने आई है. जानकारी के अनुसार, यहां 274 रुपये का बैग ब्लैक में 400 रुपए तक बेचा जा रहा है.

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