खरीफ सीजन में खाद की कोई कमी नहीं! सरकार ने जारी किए आंकड़े, यूरिया से लेकर डीएपी तक पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध

खरीफ सीजन में खाद की कोई कमी नहीं! सरकार ने जारी किए आंकड़े, यूरिया से लेकर डीएपी तक पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध

खरीफ 2026 सीजन के दौरान किसानों के लिए राहत की खबर है. सरकार के अनुसार देश में यूरिया, डीएपी, एमओपी, एनपीके और एसएसपी समेत सभी प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. 28 अगस्त 2026 तक कुल 426.21 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध रही, जबकि किसानों की जरूरत 383.92 लाख मीट्रिक टन आंकी गई है. सरकार ने कहा है कि किसानों को खाद की कमी को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है.

The effect of higher fuel prices was particularly visible in transport-related expenses. The effect of higher fuel prices was particularly visible in transport-related expenses.
क‍िसान तक
  • New Delhi,
  • Sep 10, 2026,
  • Updated Sep 10, 2026, 6:22 PM IST

देशभर में खरीफ फसलों की बुवाई और फसल प्रबंधन का काम जारी है. ऐसे समय में किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण जरूरत खाद की उपलब्धता होती है. इसी बीच केंद्र सरकार ने खरीफ 2026 सीजन के लिए उर्वरकों की उपलब्धता से जुड़े ताजा आंकड़े जारी किए हैं. सरकार के अनुसार देश में प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त भंडार मौजूद है और किसानों को खाद की कमी को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है.

सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार 28 अगस्त 2026 तक देश में यूरिया, डीएपी, एमओपी, एनपीके और एसएसपी समेत सभी प्रमुख उर्वरकों की उपलब्धता मांग से अधिक बनी हुई है. कुल मिलाकर खरीफ 2026 सीजन के लिए 383.92 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों की जरूरत आंकी गई है, जबकि उपलब्धता 426.21 लाख मीट्रिक टन दर्ज की गई है.

यूरिया का सबसे ज्यादा स्टॉक

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक किसानों के लिए सबसे अधिक उपयोग होने वाले उर्वरक यूरिया की उपलब्धता 211.96 लाख मीट्रिक टन रही. खरीफ 2026 के लिए यूरिया की कुल आवश्यकता 190.32 लाख मीट्रिक टन आंकी गई है. 28 अगस्त तक 152.96 लाख मीट्रिक टन यूरिया की बिक्री हो चुकी थी, जबकि 59 लाख मीट्रिक टन का क्लोजिंग स्टॉक उपलब्ध था.

डीएपी की स्थिति भी संतोषजनक

डीएपी को लेकर कई बार आपूर्ति संबंधी चिंताएं सामने आती रही हैं, लेकिन इस बार सरकार ने इसकी उपलब्धता को भी आरामदायक बताया है. आंकड़ों के अनुसार 28 अगस्त तक 55.42 लाख मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध थी, जबकि अगस्त महीने की जरूरत केवल 9.81 लाख मीट्रिक टन थी. डीएपी का क्लोजिंग स्टॉक 19.65 लाख मीट्रिक टन दर्ज किया गया.

सरकार ने यह भी बताया कि खरीफ 2026 के लिए डीएपी का शुरुआती स्टॉक खरीफ 2025 की तुलना में 11.78 लाख मीट्रिक टन अधिक रहा है, जिससे आपूर्ति व्यवस्था मजबूत हुई है.

अन्य खादों का भी पर्याप्त भंडार

सरकार के आंकड़ों के अनुसार:

एमओपी (MOP) की उपलब्धता 15.93 लाख मीट्रिक टन रही, जबकि 8.38 लाख मीट्रिक टन का स्टॉक बचा हुआ है.
एनपीके (NPK) की उपलब्धता 98.58 लाख मीट्रिक टन दर्ज की गई, जिसमें 42.85 लाख मीट्रिक टन का क्लोजिंग स्टॉक मौजूद है.
एसएसपी (SSP) की उपलब्धता 44.31 लाख मीट्रिक टन रही और इसका क्लोजिंग स्टॉक 19.68 लाख मीट्रिक टन दर्ज किया गया.

बिक्री के बाद भी मजबूत बना हुआ स्टॉक

आंकड़ों के अनुसार 28 अगस्त तक सभी प्रमुख उर्वरकों की कुल बिक्री 276.65 लाख मीट्रिक टन रही है. इसके बावजूद देश में 149.56 लाख मीट्रिक टन खाद का स्टॉक उपलब्ध है. इससे स्पष्ट है कि आने वाले हफ्तों में भी किसानों को खाद की उपलब्धता को लेकर बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.

सरकार का दावा, चिंता की जरूरत नहीं

सरकार का कहना है कि खरीफ सीजन के दौरान खादों की मांग को ध्यान में रखते हुए समय पर आयात, उत्पादन और वितरण की व्यवस्था की गई है. इसी का परिणाम है कि इस समय सभी प्रमुख खादों का स्टॉक पर्याप्त स्तर पर बना हुआ है.

खरीफ सीजन में धान, मक्का, सोयाबीन, कपास, दालें और तिलहनी फसलों की खेती करने वाले किसानों के लिए यह राहत की खबर है. पर्याप्त खाद उपलब्ध रहने से फसल प्रबंधन और उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है.

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