नकली बीज बेचने वालों पर कसेगा शिकंजा, नए ‘सीड एक्ट’ लाने की तैयारी में सरकार!

नकली बीज बेचने वालों पर कसेगा शिकंजा, नए ‘सीड एक्ट’ लाने की तैयारी में सरकार!

किसानों को नकली और घटिया बीज से बचाने के लिए केंद्र सरकार नया और सख्त सीड एक्ट लाने की तैयारी कर रही है. कानून को अंतिम रूप देने से पहले कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान 10 सितंबर को किसान संगठनों के साथ बैठक कर उनकी राय और सुझाव लेंगे.

Shivraj Singh ChouhanShivraj Singh Chouhan
क‍िसान तक
  • New Delhi,
  • Sep 09, 2026,
  • Updated Sep 09, 2026, 5:40 PM IST

किसानों को नकली, मिलावटी और घटिया बीजों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए केंद्र सरकार नया और सख्त ‘सीड एक्ट’ लाने की तैयारी कर रही है. इस कानून के जरिए बीज की क्वालिटी सुधारने के साथ-साथ नकली बीज बेचने वाली कंपनियों और कारोबारियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सकता है. नए कानून को अंतिम रूप देने से पहले केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान 10 सितंबर को कृषि भवन, नई दिल्ली में देशभर के प्रमुख किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे.

किसानों से सीधे लिए जाएंगे सुझाव

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नए सीड एक्ट के मसौदे पर किसानों की राय लेना है. सरकार चाहती है कि कानून बनाते समय किसानों के जमीनी अनुभव और उनकी समस्याओं को भी शामिल किया जाए. बैठक में देश के अलग-अलग राज्यों से किसान संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. किसान नेता बीज की क्वालिटी, नकली बीज की समस्या और किसानों को होने वाले नुकसान जैसे मुद्दों पर अपनी बात रख सकेंगे.

नकली बीज बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई

प्रस्तावित कानून में नकली, मिलावटी या घटिया बीज बेचने वालों के खिलाफ भारी जुर्माने और जेल की सजा जैसे सख्त प्रावधान किए जाने की तैयारी है. अक्सर खराब क्वालिटी वाले बीज के कारण किसानों की पूरी फसल खराब हो जाती है. इससे किसान को बीज, खाद, पानी और खेती पर किया गया खर्च भी वापस नहीं मिल पाता. ऐसे मामलों को रोकने के लिए सरकार बीज की क्वालिटी पर ज्यादा सख्ती करना चाहती है.

बीज की होगी बेहतर ट्रेसिंग

नए कानून में बीज की क्वालिटी और उसकी पूरी जानकारी को ट्रैक करने के लिए ट्रेसिंग सिस्टम को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है. इसका मकसद यह पता लगाना होगा कि बीज कहां तैयार हुआ, किस कंपनी ने बेचा और वह किसान तक किस माध्यम से पहुंचा. इस व्यवस्था से नकली या घटिया बीज की बिक्री पर नजर रखने में मदद मिल सकती है.

पारंपरिक बीजों के अधिकार की भी सुरक्षा

सरकार की योजना सिर्फ कंपनियों और कारोबारियों पर कार्रवाई तक सीमित नहीं है. नए कानून में किसानों के पारंपरिक और देशी बीजों से जुड़े अधिकारों की सुरक्षा पर भी ध्यान देने की बात कही गई है. सरकार का उद्देश्य ऐसा कानून तैयार करना है, जिससे किसानों को अच्छी क्वालिटी वाला बीज मिले और नकली बीज के कारण होने वाले नुकसान को कम किया जा सके.

कई राज्यों के किसान संगठन होंगे शामिल

10 सितंबर की बैठक में देश के अलग-अलग हिस्सों से किसान संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. इनमें भारतीय किसान संघ, बीकेयू के विभिन्न घटक दल, अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति, किसान महापंचायत, भारतीय कृषक समाज समेत कई संगठन शामिल हैं. इसके अलावा कर्नाटक, तेलंगाना, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, बिहार, तमिलनाडु, झारखंड और केरल सहित कई राज्यों के किसान प्रतिनिधि भी बैठक में अपनी बात रखेंगे.

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