
खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने तथा उर्वरकों की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. विभाग द्वारा प्रदेशभर में चलाए जा रहे विशेष निरीक्षण अभियान के तहत बिलासपुर जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 12.65 टन उर्वरक की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी गई है. कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रासायनिक उर्वरकों की अवैध बिक्री, जमाखोरी और कृत्रिम अभाव पैदा करने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए लगातार निरीक्षण और जांच की जा रही है. इसी कड़ी में बिल्हा विकासखंड के उर्वरक निरीक्षक आर.एस. गौतम ने ग्राम पोड़ी सरवानी स्थित प्रजापति ट्रेडर्स का औचक निरीक्षण किया.
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि प्रतिष्ठान द्वारा यूरिया एवं सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) उर्वरक का विक्रय आवश्यक प्राधिकार पत्र के बिना किया जा रहा था.यह कार्य उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 के प्रावधानों का सीधा उल्लंघन माना गया.
अनियमितता सामने आने के बाद उर्वरक निरीक्षक ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रतिष्ठान में उपलब्ध 9.50 टन यूरिया तथा 3.15 टन सिंगल सुपर फॉस्फेट सहित कुल 12.65 टन उर्वरक की बिक्री पर रोक लगा दी.
कृषि विभाग ने संबंधित विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए सभी कमियों को तत्काल दूर करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी.
कृषि विभाग के उप संचालक पी.डी. हाथेश्वर ने कहा कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा. यदि जांच में अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं और संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होता है, तो संबंधित उर्वरक विक्रेता का लाइसेंस निलंबित करने सहित अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है.
उर्वरक निरीक्षक आर.एस. गौतम ने बताया कि खरीफ सीजन में किसानों को खाद की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसी उद्देश्य से विकासखंड बिल्हा सहित जिले के अन्य क्षेत्रों में भी लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है.
उन्होंने सभी उर्वरक विक्रेताओं से अपील की है कि वे उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 के सभी प्रावधानों का पूर्ण पालन करें तथा केवल वैध अनुमति और निर्धारित नियमों के अनुसार ही खाद का भंडारण एवं विक्रय करें.
कृषि विभाग ने किसानों से भी अपील की है कि खाद खरीदते समय अधिकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें और अनिवार्य रूप से पक्का बिल प्राप्त करें. यदि कहीं खाद की कालाबाजारी, अवैध बिक्री या अधिक कीमत वसूले जाने की जानकारी मिले तो तत्काल कृषि विभाग को सूचित करें, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके.