Kharif 2026: केंद्र सरकार ने खाद की उपलब्धता पर दिया बड़ा अपडेट, पिछले साल से इतना ज्यादा बताया स्टॉक

Kharif 2026: केंद्र सरकार ने खाद की उपलब्धता पर दिया बड़ा अपडेट, पिछले साल से इतना ज्यादा बताया स्टॉक

मौजूदा वित्त वर्ष में भी खाद की सप्लाई मजबूत बनी हुई है. 1 अप्रैल 2026 से 23 अप्रैल 2026 तक खाद की उपलब्धता किसानों की जरूरत से काफी ज्यादा रही. इससे साफ है कि आने वाले खरीफ सीजन के लिए सरकार ने अच्छी तैयारी कर ली है.

किसानों को मिलेगी सही मात्रा में खाद (AI- तस्वीर)किसानों को मिलेगी सही मात्रा में खाद (AI- तस्वीर)
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Apr 25, 2026,
  • Updated Apr 25, 2026, 1:43 PM IST

ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के माहौल के बीच उर्वरक विभाग ने साफ कहा है कि भारत में खाद की कोई कमी नहीं है. देश में खाद की सप्लाई पूरी तरह मजबूत और सामान्य है. किसानों के लिए सभी जरूरी खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और स्टॉक भी जरूरत से ज्यादा है. विभाग ने कहा है कि खाद की कमी को लेकर जो खबरें चल रही हैं, वे सही नहीं हैं. रबी सीजन 2025-26 और मौजूदा आंकड़ों के अनुसार पूरे देश में खाद की स्थिति बेहतर है और कहीं भी संकट जैसे कोई हालात नहीं हैं.

देश में खाद की उपलब्धता जरूरत से ज्यादा

रबी सीजन (अक्टूबर 2025 से मार्च 2026) के आंकड़ों के मुताबिक, देश में खाद की उपलब्धता जरूरत से काफी ज्यादा रही. यूरिया की जरूरत 196.06 एलएमटी थी, जबकि उपलब्धता 257.59 एलएमटी रही, डीएपी की जरूरत 53.43 एलएमटी थी, लेकिन उपलब्धता 75.40 एलएमटी रही. इसी तरह एमओपी, एनपीके और एसएसपी जैसे अन्य उर्वरक भी जरूरत से ज्यादा मात्रा में उपलब्ध रहे. इससे साफ है कि रबी सीजन में किसानों के लिए सभी तरह की खाद पर्याप्त मात्रा में मौजूद थी.

मौजूदा वित्त वर्ष में भी खाद की सप्लाई

मौजूदा वित्त वर्ष में भी खाद की सप्लाई मजबूत बनी हुई है. 1 अप्रैल 2026 से 23 अप्रैल 2026 तक खाद की उपलब्धता किसानों की जरूरत से काफी ज्यादा रही.

  • यूरिया की जरूरत 18.17 LMT थी, जबकि उपलब्धता 69.33 LMT रही.
  • DAP की जरूरत 5.90 LMT थी, जबकि उपलब्धता 22.78 LMT रही.
  • MOP की जरूरत 1.73 LMT थी, जबकि उपलब्धता 8.32 LMT रही.
  • NPK की जरूरत 7.46 LMT थी, जबकि उपलब्धता 52.75 LMT रही.
  • SSP की जरूरत 3.30 LMT थी, जबकि उपलब्धता 25.60 LMT रही.

पिछले साल से इतना ज्यादा है स्टॉक

इससे साफ है कि आने वाले खरीफ सीजन के लिए सरकार ने अच्छी तैयारी कर ली है. बता दें कि, खरीफ 2026 के लिए कुल खाद जरूरत 390.54 LMT आंकी गई है. इसके मुकाबले करीब 180 LMT (46 फीसदी) खाद पहले से शुरुआती स्टॉक के रूप में मौजूद है. आमतौर पर सीजन शुरू होने से पहले यह स्तर करीब 33 फीसदी रहता है. यानी इस बार सरकार ने पहले से ज्यादा स्टॉक जमा किया है, बेहतर प्लानिंग की है और सप्लाई व्यवस्था मजबूत रखी है, ताकि किसानों को समय पर खाद मिल सके.

सभी जिलों में खाद की सप्लाई पर नजर

खाद की लगातार उपलब्धता और सही वितरण सुनिश्चित करने के लिए राज्यों के कृषि सचिव और अधिकारी उर्वरक विभाग के साथ लगातार संपर्क में हैं. सभी जिलों में खाद की सप्लाई और उपलब्धता पर नजर रखी जा रही है. राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे खाद के गलत इस्तेमाल, जमाखोरी, कालाबाजारी और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें. इसका मकसद यह है कि खाद समय पर और बराबरी से किसानों तक पहुंच सके.

सरकार ने विदेश स्तर पर भी जरूरी कदम उठाए

सरकार ने विदेश स्तर पर भी जरूरी कदम उठाए हैं, ताकि खाद की सप्लाई बनी रहे. विदेशों में मौजूद भारतीय दूतावास और मिशन नए देशों से खाद मंगाने के विकल्प तलाश रहे हैं, जिससे आयात के ज्यादा रास्ते खुल सकें. इसके अलावा, वैश्विक टेंडर के जरिए करीब 25 LMT यूरिया खरीदा गया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय हालात खराब होने पर भी आने वाले सीजन में कमी न हो. देश में यूरिया उत्पादन के लिए जरूरी प्राकृतिक गैस की समस्या भी हल कर ली गई है. उर्वरक कारखानों को लगातार गैस दी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त LNG/RLNG की व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि उत्पादन बिना रुके चलता रहे.

सिर्फ 266 रुपये में 45 किलो यूरिया का बैग 

दुनिया भर में खाद की कीमतें काफी बढ़ गई हैं. यूरिया की अंतरराष्ट्रीय कीमतें 4,000 रुपये प्रति बैग से भी ज्यादा पहुंच गई हैं, लेकिन सरकार किसानों को अभी भी 45 किलो यूरिया का बैग सिर्फ 266.50 रुपये में दे रही है. यह दिखाता है कि सरकार किसानों को विदेशों में बढ़ती कीमतों का बोझ नहीं पड़ने देना चाहती और उन्हें सस्ती दर पर खाद उपलब्ध करा रही है. उर्वरक विभाग ने कहा है कि देश में खाद की व्यवस्था मजबूत है, पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सप्लाई सिस्टम सही तरीके से काम कर रहा है. सरकार आगे भी किसानों को पूरे देश में बिना रुकावट खाद उपलब्ध कराने के लिए सभी जरूरी कदम उठाती रहेगी. 

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