
छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड ने खरीफ सीजन-2026 के लिए अलग-अलग फसलों के प्रमाणित और आधार बीजों के बिक्री रेट तय कर दिए हैं. 10 अप्रैल 2026 को हुई राज्य स्तरीय बैठक में इन दरों को मंजूरी दी गई, जिसके बाद बीज निगम ने सर्कुलर जारी कर दिया है. जारी रेट में धान, दलहन और तिलहन की कई फसलें शामिल हैं. धान में मोटा धान (10 साल के अंदर की किस्म) का रेट 3,478 रुपये प्रति क्विंटल और पतला धान 3,919 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है. वहीं, सुगंधित धान की सभी किस्मों के लिए किसानों के लिए 4,803 रुपये और सहकारी समितियों के लिए 4,611 रुपये प्रति क्विंटल रेट तय किया गया है.
मोटे अनाज में कोदो-कुटकी के बीज किसानों के लिए 7,245 रुपये और समितियों के लिए 6,995 रुपये प्रति क्विंटल मिलेंगे. रागी के बीज किसानों को 7,229 रुपये और समितियों को 6,940 रुपये में उपलब्ध होंगे. दलहन में उड़द और मूंग की अलग-अलग उम्र की किस्मों के हिसाब से किसानों और समितियों के लिए अलग-अलग रेट तय किए गए हैं.
वहीं, तिलहन फसलों में तिल के बीज सबसे महंगे हैं, जिनका रेट 20,539 रुपये प्रति क्विंटल तक रखा गया है. इसके अलावा सोयाबीन, मूंगफली, रामतिल और अरहर के बीजों के भी अलग-अलग रेट तय किए गए हैं. अरहर का रेट 11,369 रुपये से 13,220 रुपये प्रति क्विंटल तक है, जबकि मूंगफली 11,816 रुपये प्रति क्विंटल में मिलेगी.
निगम ने साफ किया है कि सहकारी समितियों को भुगतान करते समय तय रेट पर 4 प्रतिशत कमीशन काटा जाएगा. साथ ही आधार बीज का रेट प्रमाणित बीज से 100 रुपये प्रति क्विंटल ज्यादा रहेगा.
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं में मिलने वाली सब्सिडी को जोड़कर या घटाकर ही अंतिम रेट तय किए गए हैं. खरीफ 2026 के लिए किसानों को बीज इन्हीं तय रेट पर दिए जाएंगे.
बयान में कहा गया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन और दूसरी योजनाओं के तहत बीज वितरण में भी नियमों के अनुसार सब्सिडी लागू होगी. उत्पादन पर मिलने वाली सब्सिडी सिर्फ निगम द्वारा तैयार किए गए बीजों पर ही दी जाएगी. इस बारे में सभी संबंधित अधिकारियों और संस्थाओं को जरूरी निर्देश दे दिए गए हैं.