
हरियाणा के सोनीपत से एक किसान की दिलचस्प कहानी सामने आई है, जहां एक युवा किसान ने अपने ट्रैक्टर को ही सफर का साथी बना लिया है. सोनीपत के किसान रॉकी ने ट्रैक्टर में सनरूफ, कैमरा, रसोई और सोने तक की व्यवस्था कर उसे चलता-फिरता घर बना दिया है. करीब 10 लाख रुपये के ट्रैक्टर पर 4 लाख रुपये खर्च कर उसे खास तौर पर मॉडिफाई करवाया गया है. इसी ट्रैक्टर से रॉकी काजा-स्पीति और चारधाम यात्रा भी कर चुके हैं और ट्रैक्टर को लेकर लद्दाख ओर सियाचिन तक का सफर किया है, और अब परिवार के साथ नेपाल जाने की योजना बना रहे हैं. हालांकि खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के कारण पेट्रोल-डीजल और गैस की संभावित दिक्कत को देखते हुए फिलहाल युवा किसान अपने अगले सफर को रोक दिया है.
सोनीपत के युवा किसान रॉकी का ट्रैक्टर इन दिनों इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है. किस्तों पर खरीदे गए इस ट्रैक्टर को उन्होंने अपनी जरूरतों और लंबे सफर को ध्यान में रखते हुए खास तरीके से मॉडिफाई करवाया है. ट्रैक्टर के केबिन में सनरूफ लगवाई गई है, ताकि सफर के दौरान खुला आसमान भी महसूस किया जा सके. अंदर 8 से 10 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है, साथ ही रसोई और सोने तक की सुविधा भी मौजूद है. पीछे के ट्रैफिक पर नजर रखने के लिए केबिन में कैमरा लगाया गया है, जबकि लंबे सफर के लिए ट्रैक्टर के आगे 55 लीटर का अलग डीजल टैंक भी बनवाया गया है.
करीब 10 लाख रुपये के इस ट्रैक्टर पर रॉकी अब तक लगभग 4 लाख रुपये मॉडिफिकेशन में खर्च कर चुके हैं. किसान रॉकी ने बताया कि उन्होंने ट्रैक्टर किस्तों में लिया था क्योंकि उनके पास एक साथ ज्यादा पैसे नहीं थे, तो अब हर छह महीने किस्त भर रहे हैं. वो इसी ट्रैक्टर से वह हिमाचल के दुर्गम काजा-स्पीति इलाके और चारधाम यात्रा का सफर भी तय कर चुके हैं. अब उनका अगला सपना परिवार के साथ नेपाल की यात्रा करने का है.
हालांकि, खाड़ी देशों में चल रहे तनाव के कारण पेट्रोल-डीजल और गैस की संभावित कमी को देखते हुए नेपाल यात्रा पर रोक लग दिया है. अब जब तक देश में ईंधन पर्याप्त मात्रा में नहीं होगा तब तक यात्रा रोक दी है. किसानों के लिए ट्रैक्टर सिर्फ खेती का औजार नहीं बल्कि उनकी ताकत और पहचान भी रहा है. किसान आंदोलन के दौरान भी किसानों ने ट्रैक्टर से अपने ताकत दिखाई थी और अब सोनीपत का यह किसान उसी ट्रैक्टर को अपने सपनों की यात्रा का जरिया बनाकर एक नई मिसाल पेश कर रहा है.