1 अप्रैल से बिहार के राजस्व विभाग में शुरू होगा AI का उपयोग, हर जिले में बनेगा 5 सदस्यीय एआई सेल

1 अप्रैल से बिहार के राजस्व विभाग में शुरू होगा AI का उपयोग, हर जिले में बनेगा 5 सदस्यीय एआई सेल

बिहार सरकार 1 अप्रैल 2026 से राजस्व प्रशासन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग शुरू करने जा रही है. हर जिले में 5 सदस्यीय एआई सेल बनेगा, अधिकारियों-कर्मचारियों को एआई प्रशिक्षण मिलेगा और दैनिक प्रशासनिक कार्यों में चैटजीपीटी के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा.

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1 अप्रैल से बिहार के राजस्व विभाग में शुरू होगा AI का उपयोग, हर जिले में बनेगा 5 सदस्यीय एआई सेलजमीन सर्वे पर डिप्‍टी सीएम की सख्‍ती

बिहार सरकार राजस्व प्रशासन को आधुनिक और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने एआई (Artificial Intelligence) आधारित तकनीकों को राजस्व कार्यों में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस संबंध में अपर सचिव आजीव वत्सराज ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को विस्तृत दिशा‑निर्देश जारी किए हैं.

बिहार एआई मिशन की शुरुआत

भारत सरकार ने 7 मार्च 2024 को इंडिया एआई मिशन की स्थापना की थी, जिसके तहत निर्णय प्रक्रिया में सुधार, लोक सेवाओं के ऑटोमेशन और धोखाधड़ी की पहचान को तकनीक के माध्यम से मजबूत बनाने पर जोर दिया गया है. इसी क्रम में बिहार ने भी अपना “बिहार एआई मिशन” शुरू किया है, जिसकी क्रियान्वयन प्रक्रिया सूचना प्रौद्योगिकी विभाग देख रहा है.

विभाग ने बताया कि फरवरी 2026 में तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड एआई कॉन्फ्रेंस में भाग लेने के लिए भेजा गया, ताकि राजस्व प्रशासन में एआई के संभावित उपयोग क्षेत्रों को समझा जा सके.

जिलों में बनेगा 5 सदस्यीय एआई सेल

प्रत्येक जिले में एक 5 सदस्यीय एआई सेल का गठन होगा, जिसकी अध्यक्षता अपर समाहर्ता (राजस्व) करेंगे. सेल में शामिल होंगे

  • जिला आईटी मैनेजर
  • एक भूमि सुधार उप समाहर्ता
  • एक अंचल अधिकारी
  • एक राजस्व अधिकारी

यह एआई सेल जिले में एआई उपयोग से जुड़े निर्णयों के लिए सर्वोच्च इकाई के रूप में काम करेगा. अंतिम अनुमोदन जिलाधिकारी देंगे.

हर शनिवार को होगी एआई सेल की बैठक

एआई सेल की बैठक हर शनिवार दोपहर 3 से 6 बजे तक अपर समाहर्ता (राजस्व) के कार्यालय में की जाएगी. बैठक में एआई के उपयोग से जुड़ी योजनाओं और प्रगति की समीक्षा की जाएगी.

अधिकारियों और कर्मचारियों को मिलेगा एआई प्रशिक्षण

एआई सेल का मुख्य कार्य होगा, अधिकारियों और कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से एआई प्रशिक्षण दिलाना, आईटी पाठ्यक्रम लागू करना, परीक्षा आयोजित करना
और मानक स्तर प्राप्त करने वालों को डीएम के आदेश से प्रमाणपत्र जारी करना.

1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा एआई का प्रारंभिक उपयोग

विभाग ने निर्देश दिया है कि 1 अप्रैल 2026 से राजस्व प्रशासन में एआई का उपयोग शुरू कर दिया जाए. इसके लिए मुख्य सचिव द्वारा जारी एआई टूल्स की सूची सभी जिलों को उपलब्ध कराई गई है.

दैनिक कार्यों में चैटजीपीटी के उपयोग को बढ़ावा

पत्र में विभागीय बैठकों और राजस्व कार्यों में मुफ्त एआई सहायक ‘चैटजीपीटी’ के उपयोग को भी प्रोत्साहित किया गया है, ताकि निर्णय क्षमता बढ़े और फाइल निस्तारण तेज हो सके.

एआई से ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बढ़ावा

जिलाधिकारियों से अपील की गई है कि एआई टूल्स का उपयोग बढ़ाकर कर्मचारियों में जागरुकता फैलाएं और सात निश्चय पार्ट‑3 के तहत “ईज ऑफ लिविंग” के लक्ष्य को हासिल करने में राजस्व प्रशासन अग्रणी भूमिका निभाए.

क्या कहा राजस्व मंत्री ने

उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार सरकार राजस्व प्रशासन को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और जनोन्मुख बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उन्नत तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा दे रही है. जिलों में एआई सेल के गठन और प्रशिक्षण की व्यवस्था से प्रशासनिक कार्यों की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार आएगा. हमारा लक्ष्य है कि तकनीक के माध्यम से आम लोगों को तेज, सरल और विश्वसनीय सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं और ‘ईज ऑफ लिविंग’ के लक्ष्य को प्रभावी रूप से हासिल किया जा सके.

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