
हरियाणा ने एक बार फिर पूरे देश का नाम रोशन किया है. इस बार हरियाणा को खेती और पर्यावरण की सुरक्षा में नई तकनीक का शानदार उपयोग करने के लिए नीदरलैंड के एम्स्टर्डम शहर में बड़ा अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिला है. यह पुरस्कार “जियोस्पेशियल एक्सीलेंस अवॉर्ड 2026” के नाम से दिया गया.
यह सम्मान हरियाणा स्पेस एप्लीकेशन सेंटर यानी HARSAC को मिला. यह संस्था हरियाणा सरकार के साथ मिलकर खेती, जमीन और पानी से जुड़ी जानकारी को नई तकनीक की मदद से आसान बनाती है. इस पुरस्कार के मिलने से हरियाणा की पहचान दुनिया के सामने और मजबूत हुई है.
HARSAC ने ऐसी खास तकनीक तैयार की है जो आसमान में मौजूद सैटेलाइट की मदद से खेतों की जानकारी जुटाती है. इसे आसान भाषा में समझें तो यह तकनीक ऊपर अंतरिक्ष से खेतों की तस्वीर देखकर किसानों की मदद करती है.
इस तकनीक से पता लगाया जाता है कि खेत में कौन-सी फसल लगी है, फसल कैसी बढ़ रही है, पानी कितना चाहिए और फसल को कोई बीमारी तो नहीं है. इससे किसानों को समय पर सही जानकारी मिल जाती है और उनकी मेहनत भी बचती है.
हरियाणा के लाखों किसान इस तकनीक का फायदा उठा रहे हैं. सरकार ने बताया कि 15 लाख से ज्यादा किसान इससे जुड़े हुए हैं. 1 करोड़ से ज्यादा खेतों की जानकारी इस सिस्टम में मौजूद है.
अगर किसी खेत में पानी कम है या फसल खराब होने का खतरा है तो अधिकारी तुरंत जानकारी लेकर मदद कर सकते हैं. इससे किसानों को नुकसान कम होता है. फसल बीमा और मंडी की योजना बनाने में भी यह तकनीक काम आ रही है.
यह तकनीक सिर्फ खेती तक सीमित नहीं है. इसकी मदद से गांवों की जमीन, सड़कें, तालाब और पंचायत की संपत्तियों की भी निगरानी की जा रही है. सैटेलाइट, ड्रोन और मोबाइल ऐप के जरिए सारी जानकारी इकट्ठा की जाती है.
इससे सरकारी काम में पारदर्शिता बढ़ रही है और लोगों को बेहतर सेवाएं मिल रही हैं. अधिकारी भी जल्दी फैसले ले पा रहे हैं.
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह हरियाणा के लिए गर्व की बात है. नई तकनीक के कारण किसानों को बहुत मदद मिल रही है और खेती पहले से ज्यादा आसान बन रही है.
HARSAC के निदेशक डॉ. सुल्तान सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री की नई सोच और लोगों के लिए काम करने की नीति के कारण हरियाणा आज डिजिटल खेती और नई तकनीक में आगे बढ़ रहा है.
इस पुरस्कार को देने वाली अंतरराष्ट्रीय जूरी ने कहा कि हरियाणा ने ऐसी तकनीक बनाई है जिसे दूसरे देश भी अपना सकते हैं. यह मॉडल खेती, पर्यावरण और पानी बचाने में बहुत मददगार साबित हो सकता है.
आज हरियाणा नई तकनीक का इस्तेमाल करके खेती को बेहतर बना रहा है. इससे किसानों की जिंदगी आसान हो रही है और आने वाले समय में खेती और भी आधुनिक बनने वाली है.
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