
देश में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. एक तरफ दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने दक्षिण-पूर्व अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और अंडमान-निकोबार क्षेत्र में रफ्तार पकड़ ली है, जो 26 मई तक केरल पहुंच सकता है. वहीं, दूसरी तरफ उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई राज्य भीषण गर्मी और लू की चपेट में बने हुए हैं. मौसम विभाग ने 18 से 22 मई के बीच पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और विदर्भ में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है. पश्चिम राजस्थान में 21 और 22 मई को गंभीर लू चलने की चेतावनी दी गई है. वहीं, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, केरल, तमिलनाडु और अंडमान-निकोबार में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है.
17 मई को पूर्वोत्तर भारत, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और अंडमान-निकोबार में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है. पूर्वोत्तर राज्यों में कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है. दक्षिण भारत में केरल, तमिलनाडु, रायलसीमा और कर्नाटक के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी. दूसरी ओर राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात के कई इलाकों में तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहने की संभावना है.
दिल्ली-एनसीआर में 17 मई को आंशिक बादल छाए रहने के साथ दोपहर और शाम के समय गरज वाले बादल बनने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, दिन के समय 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चल सकती हैं और झोंकों की गति 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
अधिकतम तापमान 41 से 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. 18 और 19 मई को भी दिल्ली में तेज गर्मी बनी रहेगी और तापमान 44 डिग्री तक पहुंच सकता है. 18 से 22 मई के दौरान दिल्ली, हरियाणा और आसपास के इलाकों में लू चलने की चेतावनी भी जारी की गई है.
उत्तर-पश्चिम भारत में 18 से 22 मई के बीच राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में गर्मी और लू का असर बढ़ेगा. पश्चिम राजस्थान में 21 और 22 मई को गंभीर लू की स्थिति बन सकती है. जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में 19 और 20 मई को हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना है.
पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में 20 से 22 मई के बीच अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और नागालैंड समेत कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है. बिहार और झारखंड में भी गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी रहेगी. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी है.
दक्षिण भारत में 18 से 20 मई के दौरान केरल, तमिलनाडु, रायलसीमा और तटीय आंध्र प्रदेश में बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है. रायलसीमा में 19 और 20 मई को 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. केरल और कर्नाटक के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है.
मध्य और पश्चिम भारत में विदर्भ, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 20 से 22 मई तक लू का असर बना रह सकता है. महाराष्ट्र और गुजरात में 19 मई के बाद तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है, लेकिन उमस और गर्मी से राहत सीमित रहने के आसार हैं.
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि जहां भारी बारिश की संभावना है वहां खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें और पकी हुई फसलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं. तेज हवाओं और आंधी वाले इलाकों में सब्जियों, बागवानी फसलों और केले जैसी फसलों को सहारा देने की सलाह दी गई है.
लू प्रभावित क्षेत्रों में हल्की सिंचाई जारी रखने और मल्चिंग का उपयोग करने को कहा गया है. पशुपालकों को पशुओं के लिए साफ पानी और छायादार स्थान की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है. तटीय राज्यों के मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की चेतावनी दी गई है.