बिना बिजली के सुखाए जाएंगे फल, बढ़ेगी उनकी शेल्फ लाइफ, बढ़ेगी कमाई

बिना बिजली के सुखाए जाएंगे फल, बढ़ेगी उनकी शेल्फ लाइफ, बढ़ेगी कमाई

अब बिना बिजली के भी फलों को सुखाया जा सकेगा, जिससे उनकी शेल्फ लाइफ बढ़ेगी. जियोथर्मल तकनीक की मदद से फल लंबे समय तक सुरक्षित रहेंगे और खराब नहीं होंगे. इससे किसानों को नुकसान कम होगा और उन्हें बेहतर दाम मिलेगा. यह नई तकनीक खेती को आसान और टिकाऊ बनाने की दिशा में बड़ा कदम है.

Fruit Drying Unit in TapriFruit Drying Unit in Tapri
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Apr 15, 2026,
  • Updated Apr 15, 2026, 1:26 PM IST

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने किन्नौर जिले के टापरी में एक खास फल सुखाने और ठंडा रखने वाली यूनिट का निरीक्षण किया. यह यूनिट बहुत खास है क्योंकि यह जमीन के अंदर की गर्मी यानी जियोथर्मल ऊर्जा से चलती है. यह दुनिया की पहली ऐसी यूनिट है, जहां सेब को ठंडा रखने और फल सुखाने का काम एक साथ किया जाता है.

क्या है इस यूनिट की खासियत?

इस यूनिट की क्षमता 1,000 टन है, यानी इसमें बहुत ज्यादा मात्रा में फल रखे जा सकते हैं. इसे हिमाचल प्रदेश मार्केटिंग कॉर्पोरेशन (HPMC) और आइसलैंड की एक कंपनी ने मिलकर बनाया है. सबसे खास बात यह है कि इसमें बिजली की जगह धरती की गर्मी का इस्तेमाल होता है, जिससे ऊर्जा की बचत होती है और पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है.

कितने फलों का हुआ प्रोसेसिंग?

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो साल में इस यूनिट में कुल 16,963 किलो फलों को प्रोसेस किया गया है. नवंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच 5,105 किलो फल और जून 2025 से जनवरी 2026 के बीच 11,948 किलो फल सुखाए और सुरक्षित रखे गए. इससे साफ है कि यह यूनिट धीरे-धीरे किसानों के लिए बहुत उपयोगी बन रही है.

किसानों को कैसे मिलेगा फायदा?

इस नई तकनीक से स्थानीय किसानों को बहुत फायदा होगा. जब फलों को सही तरीके से सुखाया और स्टोर किया जाएगा, तो वे खराब नहीं होंगे और लंबे समय तक सुरक्षित रहेंगे. इससे किसानों को अपनी मेहनत का अच्छा दाम मिलेगा और नुकसान भी कम होगा.

जियोथर्मल ऊर्जा क्या होती है?

जियोथर्मल ऊर्जा का मतलब है धरती के अंदर की गर्मी का उपयोग करना. टापरी में एक गर्म पानी का स्रोत है, जिससे यह ऊर्जा मिलती है. इस ऊर्जा का इस्तेमाल करके बिना बिजली के फल सुखाए जाते हैं. यह तरीका सस्ता और पर्यावरण के लिए अच्छा है.

सरकार का बड़ा कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना राज्य सरकार की एक अच्छी पहल है, जिससे किसानों को नई तकनीक का फायदा मिलेगा. आने वाले समय में यह यूनिट और ज्यादा उपयोगी साबित होगी और किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगी.

अन्य अधिकारी भी रहे मौजूद

इस निरीक्षण के दौरान कई बड़े अधिकारी भी मौजूद थे, जैसे राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, मुख्यमंत्री के सचिव आशीष सिंहमार, डीसी अमित कुमार शर्मा और एसपी सुशील कुमार. टापरी की यह यूनिट खेती में नई सोच और नई तकनीक का उदाहरण है. इससे यह साबित होता है कि अगर सही तकनीक का इस्तेमाल किया जाए, तो खेती को और बेहतर बनाया जा सकता है. यह पहल न सिर्फ किसानों की मदद करेगी, बल्कि पर्यावरण को भी सुरक्षित रखेगी.

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