Drone Didi: फ्री ट्रेनिंग से बनी ड्रोन पायलट, अब हर महीने 15 हजार रुपये कमाती हैं सुदेश कुमारी

Drone Didi: फ्री ट्रेनिंग से बनी ड्रोन पायलट, अब हर महीने 15 हजार रुपये कमाती हैं सुदेश कुमारी

सोनीपत की सुदेश कुमारी ‘ड्रोन दीदी’ बनकर ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं. सरकारी योजना के तहत ड्रोन प्रशिक्षण और उपकरण मिलने के बाद वह खेतों में स्प्रे कर हर महीने अच्छी कमाई कर रही हैं और अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बना रही हैं.

Sudesh Kumari drone pilotSudesh Kumari drone pilot
पवन राठी
  • Sonipat,
  • Jun 03, 2026,
  • Updated Jun 03, 2026, 4:04 PM IST

हरियाणा के सोनीपत जिले के एक ग्रामीण इलाके से निकली सुदेश कुमारी आज ‘नमो ड्रोन दीदी’ के रूप में देशभर में अपनी पहचान बना चुकी हैं. उन्होंने यह साबित कर दिया है कि आज की महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं. खेतों में ड्रोन उड़ाकर कीटनाशक और उर्वरक का स्प्रे करने वाली सुदेश न केवल आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन गई हैं.

फ्री ट्रेनिंग से बनी ड्रोन पायलट

सुदेश कुमारी पहले ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी थीं. इसी दौरान उन्हें सरकार की ओर से मुफ्त ड्रोन पायलट प्रशिक्षण की जानकारी मिली. उन्होंने इस अवसर का लाभ उठाया और 15 दिन की प्रशिक्षण प्रक्रिया पूरी कर ड्रोन उड़ाना सीख लिया. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें इफको (IFFCO) की तरफ से एक ड्रोन और गाड़ी भी उपलब्ध कराई गई.

आज सुदेश खुद किसानों के खेतों में जाकर ड्रोन से स्प्रे करती हैं और इसके बदले उन्हें 500 रुपये प्रति एकड़ की आय होती है. एक दिन में वह करीब 20 एकड़ तक छिड़काव कर सकती हैं, जिससे उनकी मासिक आय 15 हजार रुपये या उससे अधिक तक पहुंच रही है.

खेतों में तकनीक, महिलाओं को रोजगार

ड्रोन के जरिए नैनो उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव किया जाता है, जिससे समय और लागत दोनों की बचत होती है. यही वजह है कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में इस तकनीक की मांग तेजी से बढ़ रही है. सरकार की ‘नमो ड्रोन दीदी योजना’ और ‘लखपति दीदी योजना’ के तहत महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है.

अन्य महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा

सुदेश कुमारी अब अन्य महिलाओं को भी ड्रोन प्रशिक्षण लेने के लिए प्रेरित कर रही हैं. उनके कहने पर कई महिलाएं गुरुग्राम और अन्य स्थानों पर ट्रेनिंग लेकर अब खेतों में ड्रोन उड़ाती नजर आ रही हैं. सुदेश कहती हैं कि केंद्र सरकार की योजनाओं ने महिलाओं को घर से बाहर निकलकर कुछ नया करने का मौका दिया है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य सरकार का आभार जताते हुए कहा कि इन योजनाओं ने उनकी जिंदगी बदल दी है.

नेताओं से मिल चुकी हैं ड्रोन दीदी

सुदेश कुमारी अपनी इस उपलब्धि के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी मुलाकात कर चुकी हैं. सभी नेताओं ने उनके काम की सराहना की है.

योजना के आंकड़े

  • 2023-24 में 1094 ड्रोन स्वयं सहायता समूहों को दिए गए
  • इनमें से 500 ड्रोन ‘नमो ड्रोन दीदी योजना’ के तहत वितरित हुए
  • सरकार का लक्ष्य 2025-26 तक 15,000 ड्रोन वितरित करने का है
  • अब तक करीब 1100 महिलाओं को ड्रोन उपलब्ध कराए जा चुके हैं

इसके लिए सरकार ने 1261 करोड़ रुपये का बजट भी मंजूर किया है, ताकि ग्रामीण महिलाओं को तकनीक से जोड़कर स्थायी रोजगार उपलब्ध कराया जा सके.

प्रशिक्षण की पूरी व्यवस्था

चुनी गई महिलाओं को DGCA से मान्यता प्राप्त संस्थानों में 15 दिन की ड्रोन पायलट ट्रेनिंग, 5 दिन की सहायक ट्रेनिंग दी जाती है, जिसमें ड्रोन उड़ाना, रखरखाव और डेटा विश्लेषण शामिल होता है.

सोनीपत की सुदेश कुमारी की सफलता कहानी यह दिखाती है कि सरकारी योजनाओं और आधुनिक तकनीक के मेल से ग्रामीण महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन सकती हैं. ‘ड्रोन दीदी’ जैसी पहल न केवल किसानों को मदद दे रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा भी दे रही है.

MORE NEWS

Read more!