
उत्तर प्रदेश में मखाना की खेती की बढ़ावा दिया जाएगा. इसी क्रम में प्रदेश के किसानों के लिए बेहद खास खबर सामने आई है. कृषि निदेशक डॉ पंकज त्रिपाठी के मुताबिक, चंदौली ज़िले के धानापुर क्षेत्र में लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से मखाना एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किया जाएगा. यह केंद्र न केवल मखाना उत्पादन की आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन करेगा, बल्कि किसानों को प्रशिक्षण और प्रसंस्करण सुविधाएँ भी उपलब्ध कराएगा. इस पहल के माध्यम से मखाना उत्पादन, किसानों की आय में वृद्धि करेगा, वहीं नई खेती को बढ़ावा देना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे।
डॉ पंकज त्रिपाठी के अनुसार इस परियोजना के पहले चरण में 200 किसानों को दरभंगा में उन्नत मखाना खेती और प्रसंस्करण का प्रशिक्षण दिया जाएगा. बता दें कि दरभंगा, बिहार का एक प्रमुख मखाना उत्पादन क्षेत्र है, जहां वर्षों से इस फसल की उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि दरभंगा से सीखकर किसान अपने क्षेत्र में मखाना का बेहतर उत्पादन कर सकेंगे.
कृषि निदेशक बताते हैं कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को बीज चयन, तालाब प्रबंधन, कटाई, प्रसंस्करण और विपणन से जुड़ी पूरी जानकारी देना है, ताकि वे मखाना को एक लाभकारी फसल के रूप में अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकें. वहीं चंदौली जिले में मखाना एक्सीलेंस सेंटर में प्रसंस्करण यूनिट स्थापित होने के बाद किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा. स्थानीय स्तर पर ही मखाना की सफाई, भूनाई और पैकेजिंग की सुविधा उपलब्ध होगी.
डॉ त्रिपाठी ने बताया कि मखाना हब बनने से चंदौली और आसपास के इलाकों में नई आर्थिक गतिविधियां शुरू होंगी. इससे परिवहन, पैकेजिंग, विपणन और छोटे उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने बताया कि मखाना एक उच्च पोषण वाला खाद्य पदार्थ है, जिसकी देश और विदेश दोनों जगह मांग लगातार बढ़ रही है. इसमें प्रोटीन, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. यही कारण है कि इसे “सुपरफूड” के रूप में भी पहचान मिल रही है.
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