
आंध्र प्रदेश के तोतापुरी आम किसानों को राहत दिलाने के लिए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र सरकार से आर्थिक सहायता की मांग की है. आम की कीमतों में भारी गिरावट के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है. इसे देखते हुए CM नायडू ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS) के तहत प्राइस डेफिशियेंसी पेमेंट स्कीम (PDPS) लागू करने की अपील की है. मुख्यमंत्री नायडू ने केंद्र से 7.03 लाख मीट्रिक टन तोतापुरी आम की खरीद के लिए 281 करोड़ रुपये की सहायता मांगी है. उन्होंने कहा कि इस कदम से किसानों को मजबूरी में कम कीमत पर अपनी फसल बेचने से बचाया जा सकेगा और उन्हें बेहतर दाम मिल पाएंगे.
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने पत्र में बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई कुछ परेशानियों और आम के गूदे (पल्प) के निर्यात में कमी के कारण तोतापुरी आम की मांग प्रभावित हुई है. इसके अलावा प्रोसेसिंग कंपनियों की ओर से खरीद कम होने से बाजार में कीमतें काफी नीचे आ गई हैं. उन्होंने कहा कि उत्पादन लागत बढ़ने के बावजूद किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है, जिससे इस सीजन में आम उत्पादकों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है.
मुख्यमंत्री नायडू ने बताया कि आंध्र प्रदेश देश के प्रमुख आम उत्पादक राज्यों में शामिल है. राज्य में करीब 3.9 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में आम की खेती होती है और हर साल लगभग 52.6 लाख टन आम का उत्पादन होता है. तोतापुरी आम की खेती खासतौर पर रायलसीमा क्षेत्र के जिलों में की जाती है.यहां करीब 91,011 हेक्टेयर क्षेत्र में इस किस्म की खेती होती है, जिससे लगभग 8.6 लाख टन आम का उत्पादन होता है. इससे लाखों किसान परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है.
CM नायडू ने बताया कि किसानों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने 7.03 लाख मीट्रिक टन तोतापुरी आम की खरीद के लिए MIS लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसके तहत किसानों को प्रति किलोग्राम 4 रुपये की अतिरिक्त सहायता देने का फैसला किया गया है. उन्होंने केंद्र सरकार से जून से अगस्त के बीच होने वाली खरीद प्रक्रिया में सहयोग करने और PDPS के तहत आर्थिक मदद देने का आग्रह किया है. मुख्यमंत्री का कहना है कि केंद्र की सहायता से किसानों को गिरती कीमतों से राहत मिलेगी और उन्हें अपनी मेहनत का उचित मूल्य मिल सकेगा. अब सभी की नजरें केंद्र सरकार के फैसले पर टिकी हैं. (PTI)