सुंदरजा आम की विदेशों में बढ़ी मांग, UAE भेजी गई पहली खेप से किसानों को मिला 50% ज्यादा दाम

सुंदरजा आम की विदेशों में बढ़ी मांग, UAE भेजी गई पहली खेप से किसानों को मिला 50% ज्यादा दाम

मध्य प्रदेश के रीवा जिले के प्रसिद्ध जीआई टैग वाले सुंदरजा आम की विदेशों में मांग बढ़ रही है. पहली बार इसकी व्यावसायिक खेप UAE भेजी गई है, जिससे किसानों को स्थानीय बाजार के मुकाबले करीब 50 प्रतिशत तक ज्यादा कीमत मिली है.

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सुंदरजा आम की विदेशों में बढ़ी मांग, UAE भेजी गई पहली खेप से किसानों को मिला 50% ज्यादा दामसुंदरजा आम

मध्य प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है. रीवा जिले के मशहूर जीआई टैग वाले सुंदरजा आम ने अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में दस्तक दे दी है. दरअसल, कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) की मदद से रीवा सुंदरजा आम की पहली व्यावसायिक खेप संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भेजी गई है. इस निर्यात में खास बात ये है कि किसानों को स्थानीय बाजार की तुलना में करीब 50 प्रतिशत तक ज्यादा कीमत मिली है. वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, 26 जून को रीवा सुंदरजा आम की एक मीट्रिक टन खेप UAE के लिए रवाना की गई. इस पहल से मध्य प्रदेश के किसानों को विदेशी बाजार से जोड़ने की दिशा में एक नई शुरुआत हुई है. मंत्रालय का कहना है कि यह निर्यात आने वाले वर्षों में इस खास आम की वैश्विक पहचान बढ़ाने में मदद करेगा.

किसानों को मिला ज्यादा भाव

रीवा सुंदरजा आम का स्थानीय बाजार में सामान्य भाव करीब 100 से 110 रुपये प्रति किलोग्राम तक रहता है. वहीं, निर्यातक ने किसानों से इसे 150 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा है. यानी किसानों को प्रति किलो करीब 40 से 50 रुपये तक अतिरिक्त फायदा मिला. इससे साफ है कि अगर किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ा जाए तो उनकी आय में बड़ा सुधार हो सकता है.

क्यों प्रसिद्ध है सुंदरजा आम?

रीवा सुंदरजा आम अपनी मिठास, बेहतरीन खुशबू, बिना रेशे वाले गूदे और अलग स्वाद के लिए जाना जाता है. यही खूबियां इसे दूसरे आमों से अलग बनाती हैं. जीआई टैग मिलने के बाद इसकी पहचान देश के साथ-साथ विदेशों में भी तेजी से बढ़ रही है. इस निर्यात खेप में रीवा जिले के गोविंदगढ़ क्षेत्र की सियोंधा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड और प्रगतिशील किसान सोनू गुप्ता से प्राप्त प्रीमियम क्वालिटी वाले आम शामिल थे. आमों की ग्रेडिंग, छंटाई और पैकिंग APEDA के पैकिंग हाउस में की गई, जिसके बाद इन्हें वाराणसी से हवाई मार्ग के जरिए UAE भेजा गया.

किसानों और क्षेत्र के लिए नए अवसर

APEDA ने मध्य प्रदेश के बागवानी विभाग, किसान उत्पादक संगठनों (FPO), निर्यातकों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ मिलकर इस निर्यात को संभव बनाया है. इसका उद्देश्य किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और क्षेत्रीय कृषि उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाना है. मंत्रालय के अनुसार, जीआई टैग वाले कृषि उत्पादों का निर्यात किसानों के लिए नई संभावनाएं खोल रहा है. इससे स्थानीय फसलों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान मिलती है और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त होता है. रीवा सुंदरजा आम का यह पहला निर्यात मध्य प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. आने वाले समय में नियमित निर्यात बढ़ने की उम्मीद है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ प्रदेश को प्रीमियम आम निर्यात के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी. (ANI)

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