‘सुपर El Nino’ के प्रभाव से पहले UP के कृषि मंत्री शाही ने की अपील, किसान रखें इन बातों का ध्यान

‘सुपर El Nino’ के प्रभाव से पहले UP के कृषि मंत्री शाही ने की अपील, किसान रखें इन बातों का ध्यान

El Nino 2026: लखनऊ के अमौसी स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार जब प्रशांत महासागर की सतह का तापमान सामान्य से 2 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक बढ़ जाता है तो उसे सुपर अल नीनो की श्रेणी में रखा जाता है. उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियां अल नीनो के और मजबूत होने की ओर इशारा कर रही हैं.

super El Nino impact in crops up agriculture minister surya pratap shahi appeal to farmersमौजूदा परिस्थितियां अल नीनो के और मजबूत होने की ओर इशारा कर रही हैंsuper El Nino impact in crops up agriculture minister surya pratap shahi appeal to farmersमौजूदा परिस्थितियां अल नीनो के और मजबूत होने की ओर इशारा कर रही हैं
क‍िसान तक
  • LUCKNOW,
  • Jun 18, 2026,
  • Updated Jun 18, 2026, 7:35 AM IST

भारत में इस साल सामान्य से कम बारिश के अनुमान के बीच सुपर अल-नीनो भी एक्टिव हो सकता है.इसका सीधा असर मॉनसून की बारिश पर पड़ेगा. इससे सूखे का खतरा और ज्यादा बढ़ सकता है. इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर विभागीय अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की.इस बैठक के दौरान उन्होंने संभावित सुपर एल-नीनो के प्रभाव पर चर्चा की. कृषि मंत्री शाही ने किसानों से विशेष अपील की है कि वे अपने खेत की मेड़ों पर वृक्षारोपण करें तथा मेड़ों पर अरहर की खेती को अपनाएं. इसके अतिरिक्त विभाग द्वारा बैंगन, मक्का, लोबिया, लौकी आदि सब्जियों की खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इस वर्ष दलहन-तिलहन फसलों जैसे उर्द, मूंग, सोयाबीन, तिल आदि के क्षेत्रफल में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है.

जानें क्या होता है सुपर अल नीनो?

लखनऊ के अमौसी स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार जब प्रशांत महासागर की सतह का तापमान सामान्य से 2 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक बढ़ जाता है तो उसे सुपर अल नीनो की श्रेणी में रखा जाता है. उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियां अल नीनो के और मजबूत होने की ओर इशारा कर रही हैं, जिससे मॉनसून और कृषि दोनों पर सीधा असर पड़ने की आशंका है.

जल संरक्षण पर जोर देने की सलाह

मौसम विशेषज्ञ अतुल कुमार सिंह के मुताबिक सुपर अल नीनो के कारण किसानों को संभावित जोखिम से बचने के लिए फसल विविधीकरण और जल संरक्षण पर जोर देने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि किसानों को मोटे अनाज, बाजरा और तिलहनी फसलों की खेती बढ़ानी चाहिए. इसके अलावा कम अवधि में तैयार होने वाली फसल किस्मों को अपनाना भी लाभकारी रहेगा.

सिंह ने माइक्रो सिंचाई प्रणाली को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि बूंद-बूंद (ड्रिप) सिंचाई जैसी तकनीकों का अधिक उपयोग किया जाना चाहिए. इससे कम पानी में भी फसलों की सिंचाई संभव होगी और संभावित सूखे की स्थिति में नुकसान को कम किया जा सकेगा.

गन्ना किसानों की आय बढ़ाने के निर्देश

उधर, कृषि मंत्री ने निर्देश दिए कि आगामी 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन सभी कृषि फार्मों एवं कार्यालयों पर गरिमापूर्ण तरीके से किया जाएगा. उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी राजकीय कृषि फार्मों पर 1 जून से 30 जून तक ‘खेत बचाओ अभियान’ विशेष रूप से संचालित किया जा रहा है. बैठक में कृषि मंत्री ने कहा कि गन्ना किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभाग द्वारा गन्ना आधारित इंटरक्रॉपिंग (सह-फसली खेती) को बढ़ावा दिया जा रहा है. इसके अंतर्गत गन्ने के साथ मूंगफली, उर्द, मूंग, लोबिया, सरसों एवं भिंडी की सह-फसली खेती के प्रदर्शन प्लॉट लगाए गए हैं.

ढैंचे की विभिन्न प्रजातियों का भी प्रदर्शन

साथ ही मृदा सुधार के लिए ढैंचे की विभिन्न प्रजातियों का भी प्रदर्शन किया जा रहा है. उन्होंने RATDS प्रक्षेत्र को मॉडल फार्म के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए. इसके अलावा धान बीज वितरण में लगे BTM/ATM को मानदेय का भुगतान शीघ्र सुनिश्चित करने, कृषि शिक्षा का सब-मॉड्यूल तैयार कर मुख्यालय भेजने तथा कृषि यंत्रों की बुकिंग पुनः प्रारंभ करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए.

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