
मध्य प्रदेश में खरीफ-2026 सीजन के दौरान फसलों की बुवाई तेजी से आगे बढ़ रही है. 22 जुलाई 2026 तक राज्य में प्रमुख खरीफ फसलों की बुवाई 122.49 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हो चुकी है, जो निर्धारित लक्ष्य 150.45 लाख हेक्टेयर का करीब 81.4 फीसदी है. राज्य के कृषि आंकड़ों के अनुसार, सोयाबीन अब भी किसानों की पहली पसंद बनी हुई है. सोयाबीन की बुवाई 51.40 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जो लक्ष्य 54.09 लाख हेक्टेयर का करीब 95 फीसदी है. हालांकि यह आंकड़ा पिछले साल की समान अवधि में हुई 51.01 लाख हेक्टेयर बुवाई के लगभग बराबर है.
खरीफ अनाज फसलों में मक्का ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है. 22 जुलाई तक राज्य में 25.61 लाख हेक्टेयर में मक्का बोई जा चुकी है, जो सामान्य क्षेत्रफल का 162.4 फीसदी है. यह पिछले साल की समान अवधि के 24.61 लाख हेक्टेयर से भी अधिक है. वहीं बाजरा की बुवाई 2.89 लाख हेक्टेयर और ज्वार की बुवाई 0.54 लाख हेक्टेयर में हुई है. धान की बुवाई 19.54 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हुई है, जो लक्ष्य का लगभग 49.3 फीसदी है.
दलहन फसलों की कुल बुवाई 8.82 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है, जो लक्ष्य का 106.6 फीसदी है.
राज्य में कुल तिलहन फसलों की बुवाई 58.66 लाख हेक्टेयर में हुई है, जो निर्धारित लक्ष्य का 93 फीसदी है. सोयाबीन के अलावा,
मूंगफली की बुवाई सामान्य क्षेत्रफल के मुकाबले लगभग 120 फीसदी तक पहुंच चुकी है.
कपास की बुवाई 5.79 लाख हेक्टेयर में दर्ज की गई है, जो तय लक्ष्य 5.72 लाख हेक्टेयर से अधिक है. यानी कपास की बुवाई लक्ष्य का 101.2 फीसदी हासिल कर चुकी है. राज्य में कुल खाद्यान्न फसलों (अनाज और दलहन) की बुवाई 58.03 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है. यह लक्ष्य का 71.1 फीसदी और पिछले साल की समान अवधि की तुलना में बेहतर प्रगति मानी जा रही है.
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मॉनसून की अनुकूल स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में धान और अन्य खरीफ फसलों के रकबे में और बढ़ोतरी हो सकती है. सोयाबीन, मक्का और दलहनी फसलों की मजबूत बुवाई राज्य के खरीफ उत्पादन को सहारा दे सकती है.