आज का मौसम (AI Image)भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश, आंधी और लू को लेकर चेतावनी जारी की है. IMD के मुताबिक, पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और बिहार में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है. वहीं, मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, विदर्भ, तेलंगाना, मराठवाड़ा और कुछ अन्य इलाकों में लू का असर बना रह सकता है. राजस्थान के कई हिस्सों में तेज आंधी और 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली हवाएं चलने की आशंका जताई गई है. पहाड़ी राज्यों में ओलावृष्टि और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है.
मौसम विभाव के अनुसार, मॉनसून की प्रगति फिलहाल धीमी जरूर दिख रही है, लेकिन अगले चार से पांच दिनों में इसके फिर सक्रिय होने के संकेत हैं. अनुमान है कि मॉनसून 23 जून तक तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के और कुछ हिस्सों में आगे बढ़ सकता है. देश के कई हिस्सों में नमी वाली हवाओं और सक्रिय मौसमी तंत्र के कारण बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है. इसके साथ 18 जून से उत्तर-पश्चिम भारत पर नया पश्चिमी विक्षोभ भी असर दिखाना शुरू करेगा.
18 जून को पूर्वोत्तर राज्यों, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, केरल और तटीय इलाकों में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं. बिहार और ओडिशा में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है. राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाओं के आसार हैं.
मध्य प्रदेश, विदर्भ और तेलंगाना में बारिश के बावजूद गर्मी और उमस बनी रह सकती है. उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में तापमान ऊंचा रहने से लू जैसे हालात भी बने रहेंगे. देश के पूर्वी हिस्सों में 19 जून से तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है.
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में 18 जून को आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है. शाम या रात के समय हल्की बारिश, गरज और बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है. अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है.
दिन में पश्चिमी हवाएं चलेंगी और हवा की रफ्तार 24 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. इसके बाद 19 जून को तापमान थोड़ा बढ़ सकता है, जबकि 20 जून को फिर हल्की बारिश और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ मौसम बदलने के संकेत हैं.
IMD के डिविजन एग्रोमेट के अनुसार, जिन इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट है वहां खेतों में जल निकासी की व्यवस्था तुरंत दुरुस्त करें और कटाई के बाद उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें. तेज हवा और आंधी की आशंका वाले क्षेत्रों में सब्जियों, बागवानी फसलों और फलदार पौधों को सहारा दें.
लू प्रभावित इलाकों में फलदार पौधों और सब्जियों में हल्की सिंचाई करें और नमी बचाने के लिए मल्चिंग अपनाएं. पशुओं को खुले में लंबे समय तक न रखें और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराएं. बिजली और गरज के दौरान खेतों में काम करने से बचें.
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