
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार 3 अप्रैल 2026 तक देश में गर्मी (समर/जायद) फसलों की बुवाई का कुल रकबा 58.29 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो पिछले साल की समान अवधि के 57.80 लाख हेक्टेयर से 0.48 लाख हेक्टेयर अधिक है.
रिपोर्ट के मुताबिक धान की बुवाई में गिरावट देखी गई है. इस साल अब तक 30.12 लाख हेक्टेयर में धान की बुवाई हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 32.59 लाख हेक्टेयर थी, यानी 2.47 लाख हेक्टेयर की कमी आई है.
वहीं दलहन की बुवाई में अच्छी बढ़त दर्ज की गई है. दलहनों का रकबा बढ़कर 8.79 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले साल 7.02 लाख हेक्टेयर था. इसमें मूंग (ग्रीनग्राम) और उड़द (ब्लैकग्राम) की बुवाई में क्रमशः 1.18 और 0.49 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है.
मोटा अनाज (श्री अन्न) श्रेणी में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला है. इस श्रेणी की फसलों का कुल रकबा 11.64 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है, जो पिछले साल के 10.77 लाख हेक्टेयर से 0.87 लाख हेक्टेयर अधिक है. खासकर बाजरा और मक्का की बुवाई में बढ़ोतरी हुई है, जबकि ज्वार में हल्की कमी आई है.
तिलहन फसलों की बात करें तो इनका कुल रकबा 7.74 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 0.31 लाख हेक्टेयर अधिक है. मूंगफली और सूरजमुखी की बुवाई में बढ़ोतरी हुई है, जबकि तिल के रकबे में मामूली गिरावट आई है.
कुल मिलाकर, देश में गर्मी की फसलों की बुवाई में हल्की बढ़त का रुझान है, हालांकि धान के रकबे में कमी चिंता का विषय बनी हुई है.