
मध्य प्रदेश में MSP पर 100% मूंग खरीदी की मांग को लेकर चल रहे किसान आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है.मुख्यमंत्री द्वारा गठित मंत्री समूह और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच मंगलवार को मंत्रालय में हुई महत्वपूर्ण बैठक के बाद सरकार ने कई अहम फैसलों की घोषणा की. प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने बताया कि किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने मूंग उपार्जन, स्लॉट बुकिंग और खाद वितरण व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं.
कृषि मंत्री ने बताया कि भारत सरकार ने इस वर्ष ग्रीष्मकालीन मूंग उपार्जन के लिए मध्य प्रदेश को 4.52 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया है. केंद्र सरकार की योजना के तहत राज्य के कुल उत्पादन का अधिकतम 25% उपार्जन किए जाने का प्रावधान था, जिसके आधार पर पहले किसानों से उनकी उपज का केवल 25% MSP पर खरीदने का निर्णय लिया गया था.
हालांकि किसान संगठनों के साथ हुई चर्चा के बाद राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पात्र किसानों से अब 60% मूंग का उपार्जन करने का निर्णय लिया है.नर्मदापुरम, सीहोर और हरदा जैसे जिलों में यह मात्रा औसतन प्रति एकड़ लगभग 3 क्विंटल बैठती है. सरकार का कहना है कि इस निर्णय का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाया जाएगा.
सरकार ने किसानों की सुविधा को देखते हुए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि भी बढ़ा दी है. पहले जहां स्लॉट बुकिंग 30 जुलाई तक होनी थी, अब किसान 10 अगस्त तक अपनी स्लॉट बुक कर सकेंगे.इसके साथ ही मूंग उपार्जन की अंतिम तिथि भी 10 अगस्त से बढ़ाकर 20 अगस्त कर दी गई है, ताकि अधिक से अधिक किसान अपनी उपज MSP पर बेच सकें.
खाद वितरण के लिए लागू की गई ई-टोकन व्यवस्था को लेकर किसानों की लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं. इस पर सरकार ने फिलहाल इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का निर्णय लिया है.कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि ई-टोकन व्यवस्था किसानों की सुविधा के लिए शुरू की गई थी, लेकिन नई व्यवस्था होने के कारण शुरुआती स्तर पर कई व्यावहारिक समस्याएं सामने आई हैं.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ई-टोकन व्यवस्था में सुधार के लिए कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है. यह समिति किसानों की शिकायतों और तकनीकी समस्याओं का अध्ययन कर सरकार को अपनी अनुशंसाएं सौंपेगी. समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यक सुधार लागू किए जाएंगे. तब तक खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था स्थगित रहेगी.
माना जा रहा है कि किसान संगठनों के साथ हुई बातचीत के बाद सरकार के इन फैसलों से मूंग उत्पादक किसानों को बड़ी राहत मिलेगी.25% से बढ़ाकर 60% उपार्जन, स्लॉट बुकिंग की अवधि में विस्तार और ई-टोकन व्यवस्था पर रोक जैसे फैसलों को सरकार ने किसानों के हित में बड़ा कदम बताया है. हालांकि, कई किसान संगठन अब भी MSP पर 100% मूंग खरीदी की अपनी मांग पर कायम हैं और आगे की रणनीति पर विचार कर रहे हैं.