महंगाई से जनता परेशान, इस राज्य में 220 रुपये किलो हुआ लहसुन, अदरक ने भी लगाया दोहरा शतक

महंगाई से जनता परेशान, इस राज्य में 220 रुपये किलो हुआ लहसुन, अदरक ने भी लगाया दोहरा शतक

सब्जी मंडी एसोसिएशन, नरवाल (जम्मू) के अध्यक्ष सुरिंदर सिंह ने कहा कि हर साल मॉनसून में सब्जियों की कीमतें बढ़ जाती हैं, क्योंकि यूपी, बिहार, महाराष्ट्र, पंजाब और हरियाणा में ज्यादा बारिश के कारण फसलें बर्बाद हो जाती हैं. इससे आपूर्ति बाधित हो जाती है. उन्होंने कहा कि पहले नरवाल मंडी में 35 से 40 ट्रक सब्जियां आती थीं, लेकिन अब केवल 10 से 12 ट्रक ही आ रही हैं.

हरी सब्जियां के साथ-साथ लहसुन भी महंगा. (सांकेतिक फोटो)हरी सब्जियां के साथ-साथ लहसुन भी महंगा. (सांकेतिक फोटो)
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jul 30, 2024,
  • Updated Jul 30, 2024, 4:56 PM IST

सिर्फ दिल्ली ही नहीं जम्मू में भी सब्जियां महंगी हो गई हैं. यहां के खुदरा बाजारों में पिछले 20-25 दिनों में सब्जियों के दामों में काफी बढ़ोतरी हुई है. इससे आम जनता के किचन का बजट बिगड़ गया है. महंगाई का आलम यह है कि टमाटर, भिंडी, लौकी, शिमला मिर्च, बैंगन, परवल और गोभी सहित अधिकांश सब्जियां 50 रुपये किलो के पार पहुंच गई हैं. ऐसे में कई परिवारों ने टमाटर और हरी सब्जियां ही खरीदना छोड़ दिया है.

डेली एक्सेलसियर डॉट कॉम के मुताबिक, कुछ दिन पहले तक जम्मू के रिटेल मार्कट में एक किलो टमाटर की कीमत एक लीटर पेट्रोल से भी ज्यादा थी. हालांकि, पिछले कुछ दिनों में टमाटर के दाम घटकर 60 से 80 रुपये प्रति किलो पर आ गए हैं. टमाटर की मार से अन्य सब्जियां भी प्रभावित हो रही हैं, जबकि प्याज के दामों में उछाल ने आम आदमी का बजट बिगाड़ दिया है. लगभग सभी सब्जियां आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गई हैं और लोगों को महंगाई से तुरंत राहत मिलती नहीं दिख रही है.

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160 रुपये किलो हुआ नींबू 

जम्मू के खुदरा सब्जी बाजारों में टमाटर के दाम एक महीने पहले के 20-40 रुपये से बढ़कर 80-100 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गए हैं, जबकि प्याज 50 रुपये प्रति किलोग्राम पर बिक रहा है. इसी तरह लहसुन खुदरा कीमत भी ज्यादा है और इसकी खुदरा कीमत 220 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है, जबकि अदरक की कीमत 200 रुपये प्रति किलो हो गई है. इसी तरह आलू, बैंगन, लौकी, करेला, फूलगोभी और भिंडी के दाम भी पिछले तीन सप्ताह से महंगे हैं. गर्मी और उमस के कारण नींबू की मांग भी बढ़ गई है, जो 150-160 रुपये प्रति किलो बिक रहा है.

प्याज भी हुआ महंगा

ग्राहक पूजा देवी ने कहा कि सब्जियों की आसमान छूती कीमतों ने हमारी जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है. यहां तक ​​कि आलू और प्याज, जो आमतौर पर 10-20 रुपये प्रति किलो मिलते हैं, अब क्रमश: 40 और 50 रुपये में बिक रहे हैं. इससे हम परेशान हैं. सेवानिवृत्त बैंककर्मी विजय वैद ने कहा कि हर साल मॉनसून के आगमन के साथ सब्जियों की कीमतें दो या तीन बार बढ़ जाती हैं. सरकार को इस दिशा में ध्यान देना चाहिए और पहले से ही कदम उठाने चाहिए, ताकि आम आदमी को मूल्य वृद्धि की मार न झेलनी पड़े.

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सब्जियों की आवक हुई कम

सब्जी मंडी एसोसिएशन, नरवाल (जम्मू) के अध्यक्ष सुरिंदर सिंह ने कहा कि हर साल मॉनसून में सब्जियों की कीमतें बढ़ जाती हैं, क्योंकि यूपी, बिहार, महाराष्ट्र, पंजाब और हरियाणा में ज्यादा बारिश के कारण फसलें बर्बाद हो जाती हैं. इससे आपूर्ति बाधित हो जाती है. उन्होंने कहा कि पहले नरवाल मंडी में 35 से 40 ट्रक सब्जियां आती थीं, लेकिन अब केवल 10 से 12 ट्रक ही आ रही हैं. आपूर्ति कम है, जबकि मांग समान है, जो सब्जियों की अभूतपूर्व मूल्य वृद्धि का एक मुख्य कारण है. उन्होंने कहा कि टमाटर जो हम हिमाचल और कश्मीर से खरीदते थे, अब बंगलूरू से मंगा रहे हैं, लेकिन नमी के कारण परिवहन के दौरान 30-40 प्रतिशत टमाटर सड़ जाते हैं, जिससे कीमतों में और बढ़ोतरी हो रही है.

 

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