होली के बाद UP के मौसम में बदलाव, कृषि विशेषज्ञों ने गेहूं समेत इन फसलों के लिए जारी की सलाह...

होली के बाद UP के मौसम में बदलाव, कृषि विशेषज्ञों ने गेहूं समेत इन फसलों के लिए जारी की सलाह...

UP Farmer News: मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में प्रदेश के समस्त कृषि जलवायु अंचलों में तापमान में वृद्धि होने की संभावना है. उपकार के महानिदेशक डॉ. संजय सिंह ने बताया कि बढ़ते तापमान और तेज हवाओं के कारण ने किसानों को रबी फसलों के खेतों में नमी बनाए रखने के लिए आवश्यकतानुसार हल्की सिंचाई करने की सलाह दी है.

तापमान में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए किसानों को अलर्ट किया गया हैतापमान में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए किसानों को अलर्ट किया गया है
क‍िसान तक
  • LUCKNOW,
  • Mar 06, 2026,
  • Updated Mar 06, 2026, 9:17 AM IST

होली का त्योहार बीतते ही उत्तर प्रदेश के कई शहरों में अच्छी खासी गर्मी पड़ने लगी है. इसी क्रम में उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार) के महानिदेशक डॉ. संजय सिंह की अध्यक्षता में क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप की बैठक में प्रदेश के किसानों को आगामी दो सप्ताह के लिए महत्वपूर्ण सुझाव और परामर्श जारी किए गए हैं. मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में प्रदेश के समस्त कृषि जलवायु अंचलों में तापमान में वृद्धि होने की संभावना है. उपकार के महानिदेशक डॉ. संजय सिंह ने बताया कि बढ़ते तापमान और तेज हवाओं के कारण ने किसानों को रबी फसलों के खेतों में नमी बनाए रखने के लिए आवश्यकतानुसार हल्की सिंचाई करने की सलाह दी है.

गेहूं में पोटैशियम नाईट्रेट का छिड़काव

उन्होंने बताया कि देर से बोए गए गेहूं में दाना भरने की अवस्था में पोटैशियम नाईट्रेट का छिड़काव और गेरूई व पत्ती धब्बा रोग के नियंत्रण हेतु प्रोपीकोनाजोल के प्रयोग का सुझाव दिया गया है. इसके साथ ही चने में फलीबेधक कीट और अरहर में फल मक्खी के प्रकोप को रोकने के लिए उचित कीटनाशकों के छिड़काव की सलाह दी गई है.

सरसों की फसल का ऐसा करें बचाव

वहीं, सरसों की फसल के लिए बताया गया है कि अगर 40 से 50 प्रतिशत पौधों पर कीट का असर दिखे या मुख्य तने के ऊपरी हिस्से पर 50 से 60 चेपा नजर आएं, तभी छिड़काव करें. ऐसी स्थिति में किसान एक एकड़ में 40 ग्राम थियामेथोक्साम या 400 मिलीलीटर डाइमेथोएट का इस्तेमाल कर सकते हैं। समय पर निगरानी और सही प्रबंधन ही फसल को नुकसान से बचाने का मुख्य उपाय है.

टमाटर, भिंडी, लोबिया के लिए मौसम अनुकूल

बैठक में जानकारी दी गई कि वर्तमान मौसम जायद की फसलों जैसे टमाटर, भिंडी, लोबिया और कद्दूवर्गीय सब्जियों की बुवाई के लिए पूरी तरह अनुकूल है. बसंतकालीन गन्ने की बुवाई हेतु नवीन उन्नत किस्मों के प्रयोग पर बल दिया गया है, जबकि लाल सड़न रोग से संक्रमित किस्म को 0238 की बुवाई न करने की सख्त हिदायत दी गई है.

गन्ने के साथ उर्द, मूंग या लोबिया की खेती

डॉ. संजय सिंह ने कहा कि गन्ने के साथ अंतःफसल के रूप में उर्द, मूंग या लोबिया की खेती कर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं. वहीं उद्यान एवं अन्य प्रभागों के लिए जारी परामर्श में आम के बौर को कीटों और खर्रा रोग से बचाने के उपाय साझा किए गए हैं. उन्होंने बताया कि पशुपालकों को एफएमडी. के निशुल्क टीकाकरण का लाभ उठाने और मत्स्य पालकों को कॉमन कार्प व पंगेशियस बीज संचय करने का सुझाव दिया गया है. इस बैठक की विस्तृत रिपोर्ट उपकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई गई है.

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