असम की तेजपुर लीची की विदेशों में बढ़ी मांग, सिंगापुर भेजी गई 500 किलो GI टैग वाली खेप

असम की तेजपुर लीची की विदेशों में बढ़ी मांग, सिंगापुर भेजी गई 500 किलो GI टैग वाली खेप

CM हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य असम के किसानों और उत्पादकों को ग्लोबल वैल्यू चेन से जोड़ना है, ताकि राज्य के खास कृषि उत्पादों को दुनियाभर के बाजारों तक पहुंचाया जा सके.  मुख्यमंत्री ने बताया कि तेजपुर में पैदा होने वाली लीची की विदेशों में काफी मांग है. 

तेजपुर लीची की विदेशों में बढ़ी मांगतेजपुर लीची की विदेशों में बढ़ी मांग
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jun 13, 2026,
  • Updated Jun 13, 2026, 3:01 PM IST

असम की प्रसिद्ध GI टैग वाली तेजपुर लीची अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान तेजी से बना रही है. दरअसल, राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को गुवाहाटी स्थित लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से सिंगापुर के लिए 500 किलो तेजपुर लीची की खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि तेजपुर की मशहूर 'पियाजी' किस्म की लीची का निर्यात असम के किसानों के लिए गर्व का विषय है. यह राज्य के बेहतरीन कृषि उत्पादों की बढ़ती वैश्विक पहचान को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि इस तरह के निर्यात से किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी उपज बेचने के नए अवसर मिलेंगे.

सिंगापुर भेजी गई 500 किलो तेजपुर लीची की खेप

CM हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य असम के किसानों और उत्पादकों को ग्लोबल वैल्यू चेन से जोड़ना है, ताकि राज्य के खास कृषि उत्पादों को दुनियाभर के बाजारों तक पहुंचाया जा सके. मुख्यमंत्री ने बताया कि तेजपुर में पैदा होने वाली लीची की विदेशों में काफी मांग है. उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) की मदद से दुबई में 1,000 किलो तेजपुर लीची का निर्यात किया गया था. वहीं, अब 500 किलो की नई खेप सिंगापुर भेजी जा रही है. इस खेप को भूटान से गुवाहाटी होते हुए ड्रुक एयर की फ्लाइट से सिंगापुर पहुंचाया जाएगा.

सिंगापुर के हाई कमिश्नर ने मंगाई ये खास लीची

मुख्यमंत्री ने बताया कि सिंगापुर के हाई कमिश्नर ने तेजपुर लीची की क्वालिटी से प्रभावित होकर 500 किलो लीची खरीदने में रुचि दिखाई है. हालांकि, अभी उत्पादन सीमित होने के कारण बड़ी मात्रा में निर्यात करना संभव नहीं हो पा रहा है. उन्होंने बताया कि इस समय तेजपुर में लीची के 3,000 पेड़ हैं. असम और देश के दूसरे हिस्सों में भी इस लीची की काफी मांग है, जिसके कारण घरेलू बाजार की जरूरतों को पूरा करने के बाद ही निर्यात के लिए मात्रा उपलब्ध हो पाती है. 

PM मोदी को भी भेजी गई है तेजपुर लीची

CM सरमा ने कहा कि उन्होंने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई केंद्रीय मंत्रियों को भी तेजपुर लीची भेजी थी. सभी ने इसके स्वाद और क्वालिटी की सराहना की थी. हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि सही योजना और लगातार प्रयासों से असम अपने कई खास कृषि उत्पादों जैसे तेजपुर लीची, काजी नेमु (नींबू) और भूत जोलोकिया (मिर्च) को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचा सकता है. उन्होंने कहा कि कटहल और अदरक जैसे उत्पादों में भी विदेशों में निर्यात की अच्छी संभावनाएं हैं.

CM ने कहा- क्वालिटी और उत्पादन मानकों पर दें ध्यान 

हालांकि, मुख्यमंत्री ने निर्यात बढ़ाने के लिए क्वालिटी और उत्पादन मानकों पर ध्यान देने को कहा. उन्होंने कहा कि किसानों को उर्वरकों के इस्तेमाल से जुड़े तय मानकों का पालन करना होगा और उत्पादन प्रक्रिया से लेकर अंतिम उत्पाद तक एकरूपता बनाए रखनी होगी. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार आने वाले वर्षों में कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास करेगी. अदरक, नींबू और लीची जैसे उत्पादों में वैश्विक बाजार की बड़ी संभावनाएं हैं. मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी कहा कि असम के कृषि उत्पादों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी मांग और संभावनाएं हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि तेजपुर लीची का अनोखा स्वाद विदेशों के लोगों को भी पसंद आएगा और आने वाले समय में इसका निर्यात और बढ़ेगा. (PTI)

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