बागवानी फसलों के रकबे और उत्‍पादन में होगी इतनी बढ़ोतरी, कृषि मंत्रालय ने जारी किया दूसरा अग्र‍िम अनुमान

बागवानी फसलों के रकबे और उत्‍पादन में होगी इतनी बढ़ोतरी, कृषि मंत्रालय ने जारी किया दूसरा अग्र‍िम अनुमान

देश में बागवानी क्षेत्र 2025-26 में बढ़ने का अनुमान है. कृषि मंत्रालय के दूसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार कुल उत्पादन 3777.76 लाख टन तक पहुंच सकता है. फल, सब्जी, फूल और मसाला फसलों में बढ़ोतरी के संकेत मिले हैं जबकि कई प्रमुख फसलों का उत्पादन भी बढ़ने की उम्मीद है.

Horticulture Crop Area and Production Increase EstimateHorticulture Crop Area and Production Increase Estimate
क‍िसान तक
  • New Delhi,
  • Jun 11, 2026,
  • Updated Jun 11, 2026, 7:21 PM IST

देश में बागवानी फसलों का दायरा और उत्पादन दोनों बढ़ने का अनुमान है. कृषि और किसान कल्याण विभाग की ओर से जारी 2025-26 के दूसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार, इस बार बागवानी उत्पादन 3777.76 लाख टन तक पहुंच सकता है. यह पिछले साल के मुकाबले करीब 1.90 प्रतिशत अधिक होगा. कृषि मंत्रालय के मुताबिक, 2025-26 में देश में बागवानी फसलों का कुल क्षेत्रफल 301.51 लाख हेक्टेयर रहने का अनुमान है. यह 2024-25 के अंतिम आंकड़ों की तुलना में 0.14 लाख हेक्टेयर अधिक है. क्षेत्रफल में वृद्धि सीमित रहने के बावजूद उत्पादन में बेहतर बढ़त दर्ज होने का अनुमान है.

फल उत्पादन में आम और केला बने सहारा

कृषि मंत्रालय ने फल उत्पादन में इस बार उल्लेखनीय बढ़ोतरी की संभावना जताई है. 2024-25 में 1176.49 लाख टन रहे फल उत्पादन के मुकाबले 2025-26 में यह बढ़कर 1214.75 लाख टन तक पहुंच सकता है. इसके पीछे केला, आम, पपीता, सेब और अमरूद जैसी प्रमुख फसलों में बेहतर उत्पादन को वजह माना गया है.

सब्जियों का रकबा और उत्पादन दोनों बढ़ने की उम्मीद

कृषि मंत्रालय के मुताबिक, सब्जियों के तहत क्षेत्रफल बढ़कर 118.79 लाख हेक्टेयर रहने का अनुमान है. वहीं, कुल उत्पादन 2210 लाख टन तक पहुंच सकता है. पिछले साल की तुलना में उत्पादन में करीब 32 लाख टन की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है. आलू, टमाटर, भिंडी, मटर, फूलगोभी और लौकी जैसी फसलों में सुधार देखने की संभावना जताई गई है.

प्याज में रकबा बढ़ा, उत्पादन लगभग स्थिर

वहीं, प्याज की खेती का क्षेत्र बढ़कर 20.14 लाख हेक्टेयर पहुंचने का अनुमान है. हालांकि, उत्पादन के स्तर पर बहुत बड़ा बदलाव नहीं दिख रहा है. 2025-26 में प्याज उत्पादन 307.37 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के लगभग बराबर है.

आलू का उत्पादन बढ़कर 598.89 लाख टन तक पहुंचने का अनुमान है, जो पिछले साल की तुलना में 2.25 प्रतिशत अधिक है. वहीं, टमाटर उत्पादन 214.61 लाख टन रहने का अनुमान लगाया गया है, जिसमें करीब 4.19 प्रतिशत की बढ़ोतरी संभव बताई गई है.

फूल, मसाले और औषधीय फसलों में भी तेजी

फूलों के क्षेत्र और उत्पादन दोनों में वृद्धि का अनुमान है. फूल उत्पादन 45.84 लाख टन तक पहुंच सकता है. वहीं, मसाला फसलों का क्षेत्र 50 लाख हेक्टेयर और उत्पादन 126.55 लाख टन रहने की संभावना है. लहसुन, हल्दी, कढ़ी पत्ता और मेथी जैसी फसलों में उत्पादन बढ़ने की उम्मीद जताई गई है. इसके अलावा सुगंधित और औषधीय पौधों का उत्पादन भी पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर रहने का अनुमान है. वहीं, 2025-26 में प्लांटेशन फसलों का क्षेत्र करीब 46.56 लाख हेक्टेयर और उत्पादन 169.34 लाख टन रहने की संभावना है.

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